पीएम मोदी ने चेन्नई मेट्रो फेज-2 का उद्घाटन किया। तमिलनाडु में ₹13,000 करोड़ से अधिक की मेट्रो, हाईवे, रेलवे, बंदरगाह और शिक्षा परियोजनाओं को मिली सौगात।
News Saga Desk
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान करीब 4,900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार चेन्नई मेट्रो फेज-2 के पूनामल्ली-वडपलानी स्ट्रेच का उद्घाटन किया गया।
उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ पोरूर बायपास स्टेशन से पूनामल्ली बायपास स्टेशन तक मेट्रो में यात्रा की। इस परियोजना से चेन्नई में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने और यात्रियों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह, पेट्रोलियम और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
3,700 करोड़ रुपये की हाईवे परियोजनाओं का शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 3,700 करोड़ रुपये की लागत वाली प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सड़क संपर्क बेहतर करना, यात्रा का समय कम करना और यातायात की समस्या को कम करना है।
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-744 के 36 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले वडुगापट्टी-थेर्कुवेंगनल्लूर सेक्शन का उद्घाटन किया। इस सड़क परियोजना से क्षेत्र के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों, औद्योगिक केंद्रों और व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्ग-744A के 30 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले मदुरै रिंग रोड सेक्शन का भी उद्घाटन किया गया। इससे मदुरै शहर के आसपास यातायात का दबाव कम करने और शहर के भीतर जाम की समस्या से राहत दिलाने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर सेक्शन पर चार लेन वाले तिरुवरुर बाईपास का शिलान्यास भी किया। यह परियोजना शहर के आसपास वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराकर यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मिली मजबूती
प्रधानमंत्री ने 750 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें कराइकल-पेरालम रेलवे लाइन को राष्ट्र को समर्पित करना शामिल है। इस लाइन से संबंधित क्षेत्र में रेल संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही कोयंबटूर और आसपास के इलाकों में तीन रेल फ्लाईओवर भी राष्ट्र को समर्पित किए गए। इन परियोजनाओं का उद्देश्य व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम को कम करना, वाहनों के इंतजार का समय घटाना और सड़क सुरक्षा में सुधार करना है।
रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की दिशा में पलानी, वेल्लोर कैंट, अंबासमुद्रम, परमाकुडी और नमक्कल सहित पांच अमृत स्टेशनों का भी उद्घाटन किया गया। इन स्टेशनों के पुनर्विकास से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
चेन्नई और अन्य बंदरगाहों पर नई सुविधाएं
प्रधानमंत्री ने चेन्नई पोर्ट पर स्टोरेज यार्ड, चार निर्यात-आयात (EXIM) गोदाम, उन्नत क्रूज टर्मिनल और सीफेयरर्स क्लब का उद्घाटन किया। इन सुविधाओं से बंदरगाह की परिचालन क्षमता और समुद्री परिवहन से जुड़ी सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, वी.ओ. चिदंबरनार और कामराजार पोर्ट से जुड़ी आठ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। कामराजार पोर्ट में कोयला बर्थ-3 का उद्घाटन और कैपिटल ड्रेजिंग परियोजना का शिलान्यास भी कार्यक्रम में शामिल रहा।
बंदरगाहों पर सुविधाओं का विस्तार माल की आवाजाही, व्यापार और समुद्री लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
CPCL रिफाइनरी परियोजना पर 1,620 करोड़ रुपये का निवेश
पेट्रोलियम क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (CPCL) की 1,620 करोड़ रुपये की ल्यूब ऑयल बेस स्टॉक्स (LOBS) परियोजना की आधारशिला रखी।
इस परियोजना का उद्देश्य लुब्रिकेंट निर्माण से जुड़े कच्चे माल की उपलब्धता और औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना है। इससे पेट्रोलियम और संबंधित औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।=
शिक्षा और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने IIT मद्रास में सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर (SGBC), ग्लोबल 3D ब्रेन मैपिंग मिशन और ‘C-STROKE’ स्ट्रोक एटलस का शुभारंभ किया।
इन पहलों का संबंध मस्तिष्क के अध्ययन, ब्रेन मैपिंग और स्ट्रोक से संबंधित शोध एवं जानकारी को आगे बढ़ाने से है। इनसे वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
तमिलनाडु के विकास को गति देने पर जोर
चेन्नई मेट्रो, राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे, बंदरगाहों, पेट्रोलियम और शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं के जरिए तमिलनाडु में बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर दिया गया है।
इन परियोजनाओं से परिवहन संपर्क बेहतर होने, यात्रियों का समय बचने, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और अनुसंधान सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। हालांकि, इनका वास्तविक प्रभाव परियोजनाओं के संचालन, उपयोग और आगे के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
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