ओडिशा में चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा, समुद्र में लापता हुए 20 मछुआरे; बचाव अभियान जारी

NEWS SAGA DESK

ओडिशा तट पर साइक्लोन ‘अर्नब’ के खतरे के बीच केंद्रपाड़ा जिले के 20 मछुआरे लापता हो गए हैं। लॉन्चगोला आइलैंड के पास फंसे होने की आशंका के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पढ़ें पूरी खबर।

ओडिशा के तटीय इलाकों में इन दिनों भारी दहशत, डर और गहरी चिंता का माहौल बना हुआ है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) के ओडिशा तट के बेहद करीब पहुंचने से ठीक पहले रोजी-रोटी की तलाश में गहरे समुद्र में गए 20 मछुआरे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। लापता लोगों में महाकालपाड़ा ब्लॉक (केंद्रपाड़ा जिला) के पेटाछेला पंचायत अंतर्गत आने वाले सबरसाही गांव की महिलाएं और नाबालिग भी शामिल हैं। यह समूह लगभग एक सप्ताह पहले अपनी आजीविका के लिए केकड़े और मछलियां पकड़ने के उद्देश्य से समुद्र में निकला था। हालांकि, साइक्लोन की आहट के बाद भी उनका वापस न लौटना और उनसे किसी भी प्रकार का संपर्क न हो पाना तटीय क्षेत्र में गहरा संकट खड़ा कर चुका है।

ओडिशा तट पर साइक्लोन 'अर्नब'
लॉन्चगोला आइलैंड के पास फंसे होने की आशंका

स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों को आशंका है कि साइक्लोन ‘अर्नब’ के प्रभाव के कारण अचानक बिगड़े मौसम, तेज उठती लहरों और मूसलाधार बारिश की वजह से यह ग्रुप मडेली नदी के मुहाने पर स्थित लॉन्चगोला (लंगगुगोला) आइलैंड के आसपास शरण लेने को मजबूर हुआ होगा। पेटाछेला गांव के एक बेहद परेशान ग्रामीण ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा, “समुद्र ही हमारी रोजी-रोटी का साधन है, लेकिन कई दिनों से अपने लोगों की कोई खबर न मिलना बेहद डरावना है। पूरा गांव बस उनके सुरक्षित वापस लौटने की भगवान से प्रार्थना कर रहा है।”

जिला प्रशासन ने तेज किया सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन

इस बेहद गंभीर और संवेदनशील स्थिति को देखते हुए केंद्रपाड़ा जिला प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। खोए हुए लोगों को जल्द से जल्द खोजने के लिए व्यापक स्तर पर सर्च और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है:

  • सघन मॉनिटरिंग: केंद्रपाड़ा के जिला कलेक्टर रघुराम अय्यर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि राजनगर फॉरेस्ट डिवीजन के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) पूरी स्थिति और घटनाक्रम पर पल-पल की नजर बनाए हुए हैं।
  • तटीय गश्त और पेट्रोलिंग: वन विभाग की समर्पित टीमों और तटीय गश्ती इकाइयों ने पास के कई द्वीपों पर तलाशी अभियान चलाया है। हालांकि, शुरुआती खोजबीन के दौरान फिलहाल इस समूह की कोई ठोस जानकारी या सुराग नहीं मिल पाया है।
  • चुनौतियों के बावजूद प्रयास जारी: समुद्र में बेहद खराब और हिंसक होती लहरों के बावजूद गहरे पानी में खोज अभियान लगातार जारी है। स्थानीय मछुआरा समुदाय भी अपनी विशेषज्ञता के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की इस काम में सक्रियता से मदद कर रहा है।
ओडिशा तट की ओर तेजी से बढ़ रहा साइक्लोन ‘अर्नब’

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ एक बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान (Very Severe Cyclonic Storm) का रूप ले चुका है, जो आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों की ओर बेहद तेज गति से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी (Advise) जारी की थी, जिसके बाद सैकड़ों नावें सुरक्षित बंदरगाहों पर लंगर डाले खड़ी हैं। हालांकि, जो मछुआरे इस चेतावनी के जारी होने से पहले ही समुद्र के भीतर चले गए थे, उनकी सलामती को लेकर अब पूरा राज्य और प्रशासन गहरा चिंता व्यक्त कर रहा है।

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