रांची में चक्रवात अर्णव का कहर: 29-30 अक्टूबर को पानी की सप्लाई बंद, 8 लाख लोग बेहाल

NEWS SAGA DESK

चक्रवात अर्णव के कारण रांची में भारी बारिश और तेज हवाओं से 29-30 अक्टूबर को रुक्का जलाशय संयंत्र से पानी की आपूर्ति बाधित हो सकती है। 8 लाख की आबादी प्रभावित। पानी जमा करने की सलाह।

झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों प्राकृतिक आपदा और मूलभूत सुविधाओं के अचानक चरमराने की दोहरी मार झेलने को मजबूर है। एक तरफ जहां चक्रवात ‘अर्णव’ के प्रभाव के कारण बुधवार से ही लगातार रुक-रुक कर तेज बारिश और तूफानी हवाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अब शहरवासियों के सामने गंभीर पेयजल संकट (Drinking Water Crisis) खड़ा हो गया है। लगातार हो रही बारिश और आंधी के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है, जिसका सीधा असर अब पेयजल आपूर्ति पर पड़ता दिख रहा है।

झारखंड की राजधानी रांची

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (Drinking Water and Sanitation Department) ने अलर्ट जारी करते हुए संकेत दिए हैं कि 29 और 30 अक्टूबर को रुक्का जलाशय संयंत्र (Rukka Dam/Reservoir Plant) से पानी की आपूर्ति आंशिक या पूर्ण रूप से बाधित हो सकती है। इस संभावित संकट की वजह से राजधानी रांची की लगभग आठ लाख आबादी की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

बिजली आपूर्ति में व्यवधान मुख्य कारण

पेयजल एवं स्वच्छता स्वर्णरेखा शीर्षकार्य प्रमंडल, रांची की ओर से जारी एक आवश्यक सूचना में स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, चक्रवात ‘अर्णव’ के कारण हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं से बिजली के ट्रांसफार्मर, पोल और ओवरहेड तारों को नुकसान पहुँच रहा है।

पानी के शोधन और उसकी आपूर्ति के लिए बिजली का निरंतर उपलब्ध होना बेहद अनिवार्य है। रुक्का जलाशय संयंत्र और बूटी पंप हाउस (Booty Pump House) पूरी तरह से विद्युत संचालित हैं। आंधी-पानी के कारण बिजली आपूर्ति में अनियमितता या ट्रिपिंग की स्थिति उत्पन्न होने पर पंप हाउस काम नहीं कर पाते हैं। जब तक बिजली सुचारु रूप से उपलब्ध नहीं होगी, तब तक टंकियों में पानी स्टोर करना और पाइपलाइनों के जरिए इसे विभिन्न मोहल्लों तक पहुँचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। इसी तकनीकी अड़चन के कारण 29 और 30 अक्टूबर को सप्लाई पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

पेयजल विभाग द्वारा जारी सूचना में अभी तक यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि राजधानी के कौन-कौन से क्षेत्र इस संकट से सर्वाधिक प्रभावित होंगे। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति कितने घंटे या कितने दिनों तक प्रभावित रहेगी, इसकी भी कोई सटीक समय-सीमा तय नहीं की गई है।

इस अस्पष्टता की वजह से रांची की जनता में अनिश्चितता और चिंता का माहौल है। चूंकि रुक्का जलाशय से शहर के एक बहुत बड़े हिस्से को पानी की आपूर्ति की जाती है, इसलिए मेन रोड, हरमू, कांके, लालपुर, हिनू, धुर्वा और बरियातू जैसे प्रमुख इलाकों के प्रभावित होने का अंदेशा जताया जा रहा है। विशेष रूप से वे परिवार सबसे ज्यादा परेशानी महसूस कर सकते हैं जिनके घरों में अंडरग्राउंड वाटर टैंक या ओवरहेड सिंटेक्स की बड़ी क्षमता वाली व्यवस्था नहीं है।

विभागीय अपील: पानी सहेजें, वैकल्पिक व्यवस्था रखें तैयार

संभावित स्थिति से निपटने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने आम जनता के लिए परामर्श जारी किया है। विभाग ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि:

  1. पानी का भंडारण: 29 और 30 अक्टूबर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने घरों में दैनिक आवश्यकताओं के लिए पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पानी भरकर रख लें।
  2. मितव्ययिता से उपयोग: उपलब्ध जल संसाधनों का उपयोग केवल अति-आवश्यक कार्यों के लिए करें और पानी की एक-एक बूंद को सहेजें।
  3. वैकल्पिक इंतजाम: यदि संभव हो तो आसपास के चापाकलों, निजी बोरिंग या वैकल्पिक जल स्रोतों का प्रबंधन पहले से सोचकर रखें।
  4. सूचनाओं पर नजर: नागरिक विभाग द्वारा समय-समय पर जारी होने वाली अगली सूचनाओं और दिशा-निर्देशों पर पैनी नजर रखें।
बिजली और मौसम सामान्य होने पर ही राहत

विभाग का कहना है कि जैसे ही चक्रवात ‘अर्णव’ का प्रभाव कम होगा और मौसम साफ होगा, बिजली विभाग की मदद से विद्युत आपूर्ति को बहाल कर लिया जाएगा। बिजली व्यवस्था के सामान्य होते ही रुक्का प्लांट और बूटी पंप हाउस से जलापूर्ति फिर से सुचारु रूप से शुरू कर दी जाएगी। तब तक रांची वासियों को संयम, सतर्कता और सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है।

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