प्रयागराज में घर के नीचे मिला नोटों का खजाना, 3 ड्रमों में छिपी नकदी, गिनती के लिए बुलानी पड़ी मशीन

प्रयागराज के नवाबगंज में राजेश यादव के घर से तीन प्लास्टिक ड्रमों और जमीन में छिपी भारी नकदी मिलने का मामला सामने आया है। जानें पूरा मामला।

News Saga Desk

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गंगापार क्षेत्र के नवाबगंज स्थित बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस की छापेमारी के दौरान एक घर से भारी मात्रा में नकदी मिलने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि रुपये प्लास्टिक के तीन ड्रमों में भरकर और जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाए गए थे। नकदी की मात्रा इतनी अधिक बताई जा रही है कि नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी।

इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों के बीच बरामद नकदी की रकम को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। हालांकि, करीब 60 करोड़ रुपये मिलने का दावा अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं हुआ है। पुलिस की जांच के बाद ही बरामद रकम की वास्तविक मात्रा और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने की छापेमारी

जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर की शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि नवाबगंज के बरईपुर गांव में राजेश यादव उर्फ बबलू के घर में बड़ी मात्रा में नकदी रखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस ने संबंधित मकान पर छापेमारी की और तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान घर में छिपाकर रखी गई नकदी मिलने की बात सामने आई। बताया गया कि रुपये प्लास्टिक के तीन ड्रमों में रखे गए थे। इसके अलावा जमीन में गड्ढा खोदकर भी नकदी छिपाए जाने की जानकारी मिली है।

नकदी की गिनती के लिए मशीन की मदद लिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, बरामद नोटों की कुल संख्या, उनकी वास्तविक कीमत और नकदी से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विवरणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

ग्रामीणों का दावा- करीब 60 करोड़ रुपये मिले

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा बरामद नकदी की कथित रकम को लेकर है। ग्रामीणों का दावा है कि राजेश यादव के घर से करीब 60 करोड़ रुपये मिले हैं। इतनी बड़ी राशि मिलने की खबर से गांव में हलचल मच गई है।

हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक 60 करोड़ रुपये की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस रकम को फिलहाल ग्रामीणों का दावा ही माना जाना चाहिए। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितनी नकदी बरामद हुई है और उसका स्रोत क्या है।

15 साल पहले मुंबई गया था राजेश यादव

ग्रामीणों के मुताबिक, राजेश यादव करीब 15 साल पहले मुंबई गया था। बताया जाता है कि वहां वह एक कंपनी में काम करता था। करीब पांच साल पहले गांव लौटने के बाद उसने कई जगह जमीन खरीदी।

ग्रामीणों के अनुसार, राजेश ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप वाहन भी खरीदे। इसके अलावा दूसरे गांव में एक शानदार मकान बनवाने की बात भी कही जा रही है।

अब उसके घर से भारी मात्रा में नकदी मिलने की जानकारी सामने आने के बाद उसकी संपत्ति और आय के स्रोत को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, राजेश की कमाई, संपत्ति और कथित नकदी के बीच किसी संबंध की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इन पहलुओं पर स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

दीपावली से पहले चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई

डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के अनुसार, दीपावली के मद्देनजर नकबजनी और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एक व्यक्ति के घर पर कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बरामद नकदी की वास्तविक मात्रा कितनी है? इतनी बड़ी रकम कहां से आई? इसे जमीन के नीचे और ड्रमों में छिपाकर क्यों रखा गया था? इन सभी सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी नकदी की पूरी कहानी

प्रयागराज के नवाबगंज में सामने आए इस मामले में फिलहाल सबसे अहम पहलू नकदी की आधिकारिक गिनती और उसके स्रोत का पता लगाना है। ग्रामीणों की ओर से करीब 60 करोड़ रुपये मिलने का दावा किया जा रहा है, लेकिन पुलिस की पुष्टि के बिना इस रकम को अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता।

जांच के दौरान नकदी की कुल राशि, उसे रखने के कारण और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी है। आने वाले समय में जांच से जुड़े आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।

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