अनंत सिंह पर जदयू की कार्रवाई, संजय झा बोले- नीतीश कुमार की सहमति से फैसला

NEWS SAGA DESK

बाहुबली नेता अनंत सिंह को जदयू से निकाले जाने पर संजय झा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अनुशासनहीनता के कारण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंजूरी के बाद की गई है।

बिहार के सियासी गलियारों में मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से निष्कासित किए जाने का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। अब इस पूरे विवाद और पार्टी के कड़े रुख पर जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद संजय झा ने विराम लगाते हुए अपनी बात रखी है।

बाहुबली नेता अनंत सिंह

संजय झा ने अनंत सिंह पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को पूरी तरह से उचित ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जदयू एक अनुशासित पार्टी है और संगठन में किसी भी प्रकार की अराजकता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नीतीश कुमार की अंतिम मंजूरी के बाद लिया गया फैसला

पार्टी की ओर से की गई इस बड़ी कार्रवाई पर बोलते हुए संजय झा ने स्पष्ट किया कि जदयू में कोई भी निर्णय अचानक या व्यक्तिगत स्तर पर नहीं लिया जाता। पार्टी के भीतर फैसले लेने की एक तय और पारदर्शी प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि अनंत सिंह के मामले में भी प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच पूरी सहमति बनी थी। जब तमाम परिस्थितियों का अवलोकन कर लिया गया, तब अंतिम मुहर पार्टी के सर्वमान्य नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगाई। संजय झा के इस बयान से यह पूरी तरह साफ हो गया है कि अनंत सिंह के निष्कासन पर जदयू का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह से एकजुट है और अपने रुख पर कायम है।

संगठन की मजबूती और कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए संजय झा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या सामाजिक संगठन को सुचारु रूप से चलाने के लिए सख्त अनुशासन का होना सबसे पहली शर्त है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी में नियमों का पालन नहीं होगा और अनुशासन को ताक पर रख दिया जाएगा, तो संगठन में अव्यवस्था और अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। पिछले कुछ दिनों से जो परिस्थितियां और बयानबाजी सामने आ रही थीं, उनके आलोक में पार्टी हित को सर्वोपरि रखते हुए यह कड़ा फैसला लेना अनिवार्य हो गया था।

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