चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण झारखंड के 10 जिलों में मौसम विभाग ने येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश, 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और वज्रपात की आशंका। जानें सुरक्षा उपाय।
बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन और उसके बाद उठे शक्तिशाली चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclonic Storm Arnab) का सीधा और व्यापक असर अब झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है। चक्रवात के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में ठंडी हवाओं के साथ-साथ काले बादलों ने डेरा डाल लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची (IMD Ranchi) की ओर से चेतावनी जारी करते हुए बताया गया है कि राज्य के विभिन्न जिलों में गर्जन और वज्रपात (Lightning/Thunderstorm) के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण झारखंड के कई क्षेत्रों में वायुमंडलीय दबाव में तेजी से बदलाव आ रहा है, जिससे अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम में काफी उथल-पुथल देखने को मिलेगी।
दोपहर में अचानक बदला मौसम: 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं
मौसम केंद्र रांची की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई प्रभावित इलाकों में गरज के साथ रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (Gusty Winds) चलने और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) का खतरा बना हुआ है।
मौसम में अचानक आए इस परिवर्तन से राज्य में तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठंड का एहसास बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने खुले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों, खेतों में मौजूद किसानों और राहगीरों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
झारखंड के इन 10 जिलों में रेड/येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ का सबसे ज्यादा प्रभाव झारखंड के निम्नलिखित 10 जिलों में देखने को मिल सकता है:
- चतरा
- देवघर
- गढ़वा
- गिरिडीह
- गुमला
- हजारीबाग
- कोडरमा
- पलामू
- सिमडेगा
- पश्चिमी सिंहभूम
इन जिलों के जिला प्रशासनों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
No Comment! Be the first one.