Air India के CEO Campbell Wilson के इस्तीफे की खबर के साथ देश की एविएशन इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, कैंपबेल विल्सन सितंबर 2026 में अपना पद छोड़ सकते हैं, जबकि उनका कार्यकाल जुलाई 2027 तक निर्धारित था। हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और अब कंपनी नए CEO की तलाश में जुट गई है।
इस्तीफे के पीछे की 3 बड़ी वजहें
- भारी वित्तीय नुकसान की आशंका
वित्त वर्ष 2026 में एयर इंडिया को लगभग ₹20,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव है, जिससे कई एयरस्पेस प्रतिबंधित हो गए हैं। रूट डायवर्जन और अतिरिक्त ईंधन लागत के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का खर्च काफी बढ़ गया है।
- अहमदाबाद प्लेन क्रैश का असर
पिछले साल अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट (AI 171) के दुर्घटनाग्रस्त होने से एयरलाइन की छवि और संचालन पर गहरा प्रभाव पड़ा। इस हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट जून 2026 तक आने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के बाद ही नए CEO की औपचारिक नियुक्ति की जाएगी।
- विमानों की डिलीवरी में देरी
एयर इंडिया ने हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर नए विमानों का ऑर्डर दिया था, लेकिन डिलीवरी में देरी के कारण कंपनी की विस्तार योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे क्षमता बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा में बने रहने पर दबाव बना हुआ है।
कैंपबेल विल्सन का करियर
Campbell Wilson ने 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी। इससे पहले वे Scoot के CEO रह चुके हैं, जो Singapore Airlines की लो-कॉस्ट एयरलाइन है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1996 में एक मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में की थी और कनाडा, जापान व हॉन्गकॉन्ग जैसे देशों में काम करने का अनुभव हासिल किया।
एविएशन सेक्टर में लगातार बदलाव
सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं, बल्कि IndiGo में भी हाल ही में बड़ा बदलाव हुआ है। 10 मार्च को Pieter Elbers ने इस्तीफा दिया, जिसके बाद 30 मार्च को Willie Walsh ने उनकी जगह ली।
देश की दोनों प्रमुख एयरलाइंस इस समय ऑपरेशनल चुनौतियों और वित्तीय दबाव से उबरने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले समय में नए नेतृत्व के साथ इंडियन एविएशन सेक्टर में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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