14 साल बाद फैसला: महिला वकील से मारपीट केस में महेश तिवारी दोषी करार, लाइसेंस निलंबित

News Saga Desk

रांची: झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता महेश तिवारी का प्रैक्टिस लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई महिला वकील के साथ बदसलूकी और मारपीट के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद की गई है। सस्पेंशन अवधि के दौरान वह देश की किसी भी अदालत में वकालत नहीं कर सकेंगे।

हाईकोर्ट परिसर में हुई थी घटना

यह मामला वर्ष 2012 का है। आरोप है कि झारखंड हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ता महेश तिवारी ने महिला वकील ऋतु कुमार के साथ बदसलूकी की थी। इस दौरान मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगे थे। घटना के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला

करीब 14 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद निचली अदालत ने महेश तिवारी को दोषी पाया है। अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई है, जिसके बाद उनके पेशेवर अधिकारों पर भी असर पड़ा है।

बार काउंसिल ने लिया सख्त फैसला

बार काउंसिल के नियमों के तहत, किसी अधिवक्ता को आपराधिक मामले में दोषी पाए जाने और सजा मिलने की स्थिति में उसके प्रैक्टिस अधिकारों को निलंबित किया जा सकता है। इसी प्रावधान के तहत स्टेट बार काउंसिल ने महेश तिवारी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है।

सस्पेंशन के दौरान नहीं कर सकेंगे वकालत

लाइसेंस निलंबित होने के बाद अब महेश तिवारी सस्पेंशन अवधि के दौरान देश की किसी भी अदालत में अधिवक्ता के रूप में पेश नहीं हो सकेंगे।

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