News Saga Desk
साउथ सिनेमा के मेगास्टार रजनीकांत आज अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। पर्दे पर अपनी धमाकेदार स्टाइल और करिश्माई स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों को दीवाना बनाने वाले रजनीकांत का एक शांत, आध्यात्मिक और बेहद सरल पक्ष भी है, जिसे कम ही लोग जानते हैं। उनकी जिंदगी में हिमालय और आध्यात्मिक यात्राओं की एक अहम जगह है, और वे पिछले कई सालों से समय निकालकर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में साधना के लिए जाते रहे हैं।
हाल ही में वे ऋषिकेश के स्वामी दयानंद आश्रम में देखे गए, जहां उन्होंने संतों से मुलाकात की, गंगा किनारे ध्यान लगाया और शाम की गंगा आरती में शामिल हुए। वायरल तस्वीरों में उनका साधारण लुक देखकर लोग पहचानने में भी चूक गए—कपड़ों में कोई स्टार फील नहीं, बस एक शांत साधक की तरह गंगा तट पर बैठे रजनीकांत।
उनका आध्यात्मिक सफर यहीं खत्म नहीं होता। वे अल्मोड़ा के द्वाराहाट और डुनागिरि की पहाड़ियों में स्थित महावतार बाबाजी की पवित्र गुफाओं में भी ध्यान लगाते रहे हैं। क्रिया योग साधकों के लिए यह स्थान बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। रजनीकांत कई दिनों तक आश्रमों में पूर्ण चुप्पी और ध्यान की साधना करते हैं।
रजनीकांत ने कई इंटरव्यू में कहा है कि शोहरत और दौलत से मिलने वाली खुशी स्थायी नहीं होती। उनके लिए वास्तविक शांति मेडिटेशन और आध्यात्मिकता में छिपी है। यही कारण है कि हिमालय की यात्राएं उन्हें मानसिक ऊर्जा देती हैं और हर बार उन्हें जमीन से जोड़ देती हैं।
करीब 50 साल लंबे करियर में रजनीकांत 170 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं। तमिल फिल्मों के बाद उन्होंने हिंदी, तेलुगु और कन्नड़ में भी अपना दबदबा बनाया। उनकी अनोखी स्टाइल, डायलॉग डिलीवरी और लोकप्रियता के चलते वे आज भी मीम्स, फैन वीडियो और सोशल मीडिया ट्रेंड का हिस्सा बने रहते हैं।
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