प्रधानमंत्री मोदी: सावित्रीबाई फुले महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज देश की पहली महिला शिक्षक सावित्रीबाई फुले को उनकी जयंती पर याद करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन को लेकर पंजाब सरकार के रवैये पर उठाये सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन को लेकर पंजाब सरकार के रवैये पर सवाल उठाया है। जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि राज्य सरकार का रवैया आंदोलन को लेकर उचित नहीं है। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा कि राज्य सरकार किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को क्यों नहीं समझा पा रही है कि अस्पताल में जाने के बाद भी उनका अनशन और आंदोलन चलता रहेगा।
देश में सर्वाधिक वन क्षेत्र वाले राज्यों में मध्य प्रदेश शीर्ष स्थान पर बरकरार
मध्य प्रदेश देश में सर्वाधिक वन और वृक्ष आवरण में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। मध्य प्रदेश कुल वन और वृक्ष आवरण 85 हजार 724 वर्ग किलोमीटर और वनावरण 77.073 वर्ग किलोमीटर के साथ देश का अग्रणी राज्य है। यहां वनों को प्रकृति ने अकूत सम्पदा का वरदान देकर समृद्ध किया है। प्रदेश में 30.72 प्रतिशत वन क्षेत्र है जो देश के कुल वन क्षेत्र का 12.30 प्रतिशत है। यहां कुल वन क्षेत्र 94 हजार 689 वर्ग किलोमीटर (94 लाख 68 हजार 900 हेक्टेयर) है। प्रदेश में 24 अभयारण्य, 11 नेशनल पार्क और 8 टाईगर रिजर्व हैं, जिसमें कान्हा, पेंच, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा और संजय डुबरी टाईगर रिजर्व बाघों के संरक्षण में लैंडमार्क बन गए हैं।
हर तीर्थयात्री-हर पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा हमारी शीर्ष प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
महाकुम्भ नगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ में प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक की सुरक्षा और सुविधा को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताया है। उन्होंने कहा है कि महाकुम्भ में कोई भारतीय हो या विदेशी, प्रवासी भारतीय हो या प्रयागराजवासी, बिना भेदभाव सबकी सुरक्षा-सबकी सुविधा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर को नक्सल मुक्त करने में पिछले 20 वर्षाें का टूटा रिकॉर्ड, 217 नक्सली ढेर, नए वर्ष का ब्लू प्रिंट तैयार
NEWS SAGA DESK -नक्सलियों से सर्वाधिक 284 हथियार जब्त, सबसे कम 19 जवानों का हुआ बलिदान, कोर इलाकाें में 28 नए कैंप खुले जगदलपुर, । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के इलाकाें में की गई कार्यवाही में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए वर्ष 2024 सर्वाधिक सफलताओं से भरा रहा है। जवानाें ने इस वर्ष 217 नक्सलियों को ढेर किया है। 2001 से लेकर 2023 तक मारे गए नक्सलियों की अधिकतम संख्या 134 ही थी। इस वर्ष 2024 में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मुठभेड़ के भी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सुरक्षा बल इस साल सर्वाधिक नक्सलियों को ढेर करने में सफल रहे। इस सफलता के पीछे का बड़ा कारण अंदरूनी इलाके में बड़े पैमाने में खोले गए सुरक्षा बलाें के कैंप हैं। वर्ष 2024 में खाेले गए 28 नए कैंप- सुरक्षाबलाें ने इस वर्ष 28 नए कैंप खोले हैं, इनमें से ज्यादा कैंप नक्सलियों के कोर इलाकाें में खाेले गये हैं। इनमें बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर का अबूझमाड़ शामिल है। नये कैंप खुलने से सुरक्षाबलाें को ऑपरेशन लांच करने में आसानी हुई और पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने पिछले 20 वर्षाें का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नशे के खिलाफ कार्रवाई में भी पुलिस को सफलता मिली है। इस वर्ष पुलिस ने 5 करोड़ 85 लाख रुपये से ज्यादा का गांजा जब्त कर 241 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस वर्ष सर्वाधिक 217 नक्सली हुए ढेर- बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने आज (मंगलवार) काे बताया कि बस्तर संभाग को नक्सल मुक्त करने की दिशा में इस वर्ष 2024 में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को नक्सल मोर्चे पर हर ओर से सफलता मिली है। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के थुलथुली के जंगलों में इस वर्ष अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 38 नक्सली ढेर हुए थे। इसके साथ ही पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सर्वाधिक 217 नक्सलियों को ढेर करने में सफलता मिली है, वहीं नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले पूवर्ती, दुलेड़, कस्तुरमेटा, कच्चापाल, ईरकभट्टी जैसे अति संवेदनशील स्थानों पर 28 नए पुलिस कैंप भी खोले गए हैं। इसके परिणाम स्वरूप 792 नक्सलियाें ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं 925 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, नक्सलियों से 284 हथियार भी जब्त किए हैं। वहीं सबसे कम 19 जवानों ने बलिदान दिया है। जवानों ने अपने दम पर कैंप खोले हैं। इसके बाद इलाके में विकास की गति तेज हो पाया है। उन्हाेंने बताया कि 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में हम लगातार काम कर रहे हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि 2024 की तरह 2025 में भी हमें बड़ी सफलताएं मिलेंगी। हमारे जवान नक्सलवाद के खात्मे के लिए पूरे जोश से आगे बढ़ रहे हैं। नए वर्ष का ब्लू प्रिंट तैयार- उल्लेखनीय है कि नाराणपुर जिले के अबूझमाड़ का क्षेत्रफल साढ़े चार हजार वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है, यहां की भौगोलिक परिस्थितियां नक्सलियों के काफी अनुकूल है। यही कारण है कि अबूझमाड़ को नक्सलियों की अघोषित राजधानी माना जाता है। पुलिस अधिकारियाें का मानना है कि बस्तर संभाग में नक्सल आतंक से संपूर्ण शांति का मार्ग अबूझमाड़ से होकर ही निकलेगा, इसलिए अबूझमाड़ को नक्सल मुक्त करना जरूरी है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने इस बाबत अपनी रणनीति भी बदली है। नए वर्ष का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है, जिसमें नक्सलियों की अघोषित राजधानी अबूझमाड़ पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित होगा। बस्तर में मैदानी इलाके की घेराबंदी का काम 2024 में लगभग पूरा हो चुका है। अब वक्त अबूझमाड़ के घनघोर जंगलों को घेरने का है। अबूझमाड़ इस लिए भी अहम है क्योंकि यह नक्सलियों का सबसे सुरक्षित इलाका है। नक्सली इसे अपनी राजधानी बताते रहे हैं। आज तक माड़ का जमीनी सर्वे नहीं हुआ है। यहां के गांवों में आज तक मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंची हैं। बस्तर के बाकी इलाकों की तुलना में सबसे चुनौतीपूर्ण इलाका अबूझमाड़ ही है। फोर्स अगर 2025 में माड़ को फतह कर लेती है तो 70 प्रतिशत नक्सलियों का सफाया बस्तर से हो जाएगा। जनवरी में पुलिस और अर्धसैनिक बल अबूझमाड़ को घेरने की बना रहे रणनीति- सूत्राें के अनुसार यहां जनवरी में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 40 नए सुरक्षा कैंप खोले जाएंगे। इसके लिए केंद्रीय अर्ध सैन्य बल की दो अतिरिक्त बटालियन भी मिलेंगी। सूत्र बताते हैं कि इसी महीने जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रायपुर में नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी अहम बैठक ली तो उसमें तय किया गया कि जनवरी से ही पुलिस और अर्धसैनिक बल अबूझमाड़ को घेरना शुरू करेगी। अबूझमाड़ के इलाके में बड़े नक्सल कैडराें की मौजूदगी यहां अब भी हाेने की सूचना है, जिसे ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाया जा रहा है। साढ़े चार हजार वर्ग किमी के क्षेत्र में फैले अबूझमाड़ में दुर्दांत नक्सली अभी भी छिपे हुए हैं। बताया जाता है नक्सलियों के बड़े ट्रेनिंग कैंप अबूझमाड़ में ही ऑपरेट होते रहे हैं। गुरिल्ला वॉरफेयर की ट्रेनिंग यहीं पर नक्सलियों के नए लड़ाकों को दी जाती है। लगातार कमजोर होते नक्सली अब बस्तर में नए सिरे से भर्ती का प्रयास कर रहे हैं। थुलथुली मुठभेड़ में नीति के ढेर होने के बाद यहां पर सेंट्रल कमेटी के पूर्व सचिव गणपति, मोपल्ल राजू, बसव राजू और सेंट्रल कमेटी मेंबर सोनू दादा की मौजूदगी है। फोर्स को समय-समय पर इनकी मौजूदगी के इनपुट मिलते रहते हैं। अब सटीक सूचना के आधार पर इन बड़े लीडर पर प्रहार की योजना पर काम किया जा रहा है। 2024 में हुई मुठभेड़ में जहां नक्सलियों की सबसे खतरनाक कंपनी नंबर 1 और 2 का सफाया किया गया तो अब निशाने पर माड़ एरिया डिवीजन कमेटी के नक्सली हैं।
नव वर्ष की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा – “मां, माटी और मानुष के लिए समर्पित रहूंगी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को धन्यवाद देते हुए एक भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए “मां, माटी और मानुष” के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और राज्य की जनता को आने वाले साल के लिए आश्वासन दिया कि तृणमूल कांग्रेस नई उम्मीदों और उजाले के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट इस माह तीसरी बार क्रैश, टिकट बुकिंग करने वाले परेशान
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप मंगलवार को एक बार फिर डाउन हो गई। इस माह यह तीसरी बार है जब टिकट बुकिंग करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
साल के आखिरी मिशन के लिए ISRO तैयार, आज रात स्पेडएक्स मिशन की लॉन्चिंग
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) स्पेडएक्स मिशन की लॉन्चिंग के लिए तैयार है। सोमवार रात 9:58 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट (स्पैडेक्स) क लॉन्चिंग होगी। भारत इस मिशन की सफलता के बाद अमेरिका,
विदेश मंत्री एस. जयशंकर कल कतर के लिए होंगे रवाना, शेख मोहम्मद से करेंगे मुलाकात
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 30 दिसम्बर, सोमवार को कतर की आधिकारिक यात्रा के लिए रवाना होंगे। जयशंकर 30 दिसंबर से 01 जनवरी 2025 तक कतर की यात्रा पर रहेंगे, जहां वो कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी से मुलाकत करेंगे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की कतर यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने जानकारी साझा की।
हमारी निशानदेही पर पकड़े गए कश्मीरी आतंकी, राज्य पुलिस की सक्रियता पर डीजी का दावा
NEWS SAGA DESK कोलकाता, । पश्चिम बंगाल से एक के बाद एक उग्रवादियों की गिरफ्तारी हो रही है। कभी कोई कश्मीरी जिहादी तो कभी अंसारुल्लाह का सदस्य बंगाल से गिरफ्तार हो रहा है। इसको लेकर राज्य पुलिस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन सभी सवालों का राज्य पुलिस डीजी राजीव कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट जवाब दिया। पुलिस डीजी राजीव कुमार ने कहा कि जावेद मुंशी को राज्य एसटीएफ की एक सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। कई लोग यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर पुलिस आई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। और हम कुछ नहीं कर रहे ये गलत है। हमारा ट्रैक रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। उल्लेखनीय है कि संदिग्ध विदेशी आतंकी जावेद मुंशी को 22 दिसंबर को दक्षिण 24 परगना के कैनिंग से गिरफ्तार किया गया था। जम्मू-कश्मीर की एसटीएफ और राज्य पुलिस के संयुक्त अभियान में श्रीनगर के एक निवासी को गिरफ्तार किया गया था। राजीव कुमार ने आगे कहा कि बीएसएफ सीमा सुरक्षा का ख्याल रखती है। हमें जो जानकारी मिलती है उसे हम बीएसएफ तक पहुंचाते हैं। इस बीच कई लोग सीमा पार प्रवेश कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि सुरक्षा में खामी है। राज्य पुलिस डीजी ने कहा कि आम लोगों ने पुलिस की मदद की। इस पार के निवासी बांग्लादेश के हालात से चिंतित हैं। इस बात पर नजर रखी जा रही है कि कोई सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ न सके। यथासंभव सुरक्षा भी प्रदान की जा रही है।