News Saga Desk
हजारीबाग: जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कोसुंभा गांव में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या की दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को विरोध स्वरूप विष्णुगढ़ पूरी तरह बंद रहा। दुकानदारों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा और हालात लॉकडाउन जैसे नजर आए। सड़कों पर कम आवाजाही और बंद प्रतिष्ठानों ने घटना की गंभीरता को स्पष्ट रूप से उजागर किया।

सड़क जाम कर जताया आक्रोश
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बाजार बंद तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विष्णुगढ़-हजारीबाग मार्ग को सात माइल मोड़ के समीप जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक चले इस जाम से यातायात बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सात माइल मोड़, हॉस्पिटल मोड़ और अखाड़ा चौक सहित कई प्रमुख स्थान पूरी तरह बंद रहे।
कैंडल मार्च के बाद लिया गया बंद का निर्णय
रविवार शाम निकाले गए कैंडल मार्च के दौरान ही बंद का निर्णय लिया गया था। उसी के तहत सोमवार को लोगों ने एकजुट होकर बाजार बंद रखा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग की।
भाजपा के समर्थन से आंदोलन को मिला बल
इस विरोध प्रदर्शन को भारतीय जनता पार्टी का भी समर्थन मिला। पार्टी द्वारा हजारीबाग बंद का आह्वान किया गया था, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मिलकर बंद को सफल बनाया तथा विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया।
झुमरा बाजार में भी दिखा बंद का असर
विष्णुगढ़ के साथ-साथ झुमरा क्षेत्र में भी बंद का व्यापक असर रहा। यहां भी दुकानें पूरी तरह बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर न्याय की मांग करते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील की।
एक स्वर में उठी मांग-जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा
पूरे इलाके में एक ही मांग गूंज रही है कि इस जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
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