News Saga Desk
राँची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विपक्ष और भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोला। सत्र की दूसरी दिन की पहली पाली समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सदन जनता के पैसे से चलता है, इसलिए विधायकों की जिम्मेदारी है कि वे जनता के मुद्दे सदन में उठाएं।
उन्होंने कहा कि किसी विधायक का सदन में रहना या न रहना उसका व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है, लेकिन सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भाजपा विधायकों से अपील करते हुए कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष की बात मानें और सदन की मर्यादा बनाए रखें।
निशिकांत दुबे द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा झारखंड की संस्कृति और मर्यादा के खिलाफ है।
इरफान अंसारी ने निशिकांत दुबे पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वे भाजपा के “खिलौने” बनकर रह गए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निशिकांत दुबे को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने देश को बहुत कुछ दिया है और इस तरह की अभद्र टिप्पणी न केवल एक नेता, बल्कि पूरे झारखंड की मान-मर्यादा का अपमान है।
स्वास्थ्य मंत्री ने राजनीतिक चेतावनी देते हुए कहा, “2029 में जनता जवाब देगी और निशिकांत दुबे को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।” उनके इस बयान से स्पष्ट है कि बजट सत्र के बीच सियासी बयानबाजी अब आगामी चुनावी तैयारी तक पहुंच गई है।
राज्य में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच इरफान अंसारी ने गठबंधन सरकार को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में गठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है, बल्कि यह गठजोड़ 5 साल नहीं, 25 साल तक चलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार झारखंड की सामाजिक संरचना ही इस गठबंधन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 27 प्रतिशत आदिवासी और 19 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी है, और जब ये वर्ग एकजुट हैं तो गठबंधन लंबे समय तक मजबूत और स्थिर रहेगा।
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