News Saga Desk
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 को लेकर महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। उम्र सीमा विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने 22 अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत देते हुए परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति दे दी है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि इन अभ्यर्थियों का परिणाम अंतिम आदेश के बाद ही जारी किया जाएगा।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस आनंद सेन की अदालत में हुई। याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि मामला विचार योग्य है और अंतरिम राहत प्रदान करते हुए झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) को निर्देश दिया कि इन सभी अभ्यर्थियों के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएं। साथ ही आयोग को यह भी निर्देश दिया गया कि बिना अदालत की अनुमति इनके परिणाम प्रकाशित न किए जाएं।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और JPSC को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ सप्ताह बाद की तिथि निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वर्ष 2016 और 2017 की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षाओं में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी गई थी। इसके अलावा वर्ष 2021 की नियमावली में भी उम्र सीमा में छूट का प्रावधान मौजूद है। उनका तर्क है कि वर्ष 2025 की परीक्षा में यह छूट नहीं देना समान अवसर के सिद्धांत के विपरीत है। अभ्यर्थियों ने अधिकतम उम्र की गणना के लिए कट-ऑफ वर्ष 2018 मानने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि JPSC नियमावली में हर वर्ष परीक्षा आयोजित करने और आवश्यकता पड़ने पर उम्र सीमा में छूट देने का प्रावधान है।
वहीं आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल और प्रिंस कुमार ने पक्ष रखते हुए आयोग का रुख अदालत के सामने रखा। मामले में अंतिम निर्णय विस्तृत सुनवाई के बाद लिया जाएगा। यह याचिका किशोर कुमार मंडल सहित कुल 22 अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई है।
बता दें कि JPSC ने विज्ञापन संख्या 01/2026 जारी कर संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 14 फरवरी निर्धारित है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब संबंधित 22 अभ्यर्थी ऑफलाइन माध्यम से आवेदन जमा कर सकेंगे। फिलहाल इस मामले को लेकर अभ्यर्थियों के बीच चर्चा तेज है और सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
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