कारगिल विजय दिवस 2026 पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, अमित शाह और मनोज सिन्हा ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
News Saga Desk
कारगिल विजय दिवस 2026 के अवसर पर पूरा देश भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन कर रहा है। इस वर्ष मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम नई दिल्ली के बजाय लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित किया गया, जहां 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट के माध्यम से देश के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति मुर्मु ने वीर शहीदों को किया नमन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर योद्धाओं को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों का अद्वितीय पराक्रम, अटूट संकल्प और राष्ट्रभक्ति सेना की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश सदैव इन वीरों का ऋणी रहेगा और उनकी शौर्यगाथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों के साहस को बताया राष्ट्रीय गौरव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस 2026 पर अपने संदेश में कहा कि पूरा देश भारत की सुरक्षा के लिए सैनिकों के असाधारण साहस और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिकों का अदम्य साहस राष्ट्रीय गौरव का स्रोत रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जवानों की देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा भविष्य की पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
उपराष्ट्रपति और अमित शाह का संदेश
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सशस्त्र बलों की ऐतिहासिक जीत देश की सैन्य शक्ति, राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता की रक्षा के अटूट संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने शहीदों और उनके परिवारों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1999 में दुर्गम हिमालयी चोटियों पर ऑपरेशन विजय के माध्यम से भारतीय सेना ने दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने सभी शहीद सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मनोज सिन्हा और राजनाथ सिंह ने भी दी श्रद्धांजलि
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हुए सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने शहीदों के परिवारों के योगदान को भी देश का स्थायी गौरव बताया।
इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर द्रास पहुंचकर कारगिल युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वीर सैनिकों के बलिदान को देश की सबसे बड़ी प्रेरणा बताया।
इसे भी देखे- JPSC PT Result Protest: BJYM का मशाल जुलूस, रिजल्ट रद्द करने की मांग | कल JPSC घेराव
कारगिल युद्ध का इतिहास
कारगिल विजय दिवस 2026 भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत की याद दिलाता है। वर्ष 1999 में पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों ने कारगिल क्षेत्र की कई रणनीतिक चोटियों पर कब्जा कर लिया था। इसके जवाब में भारतीय थल सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ और भारतीय वायु सेना ने ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ शुरू किया।
करीब 60 दिनों तक चले इस युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों, दुर्गम पहाड़ियों और शून्य से नीचे तापमान के बावजूद अद्भुत वीरता दिखाई। टाइगर हिल, तोलोलिंग और प्वाइंट 4875 जैसी महत्वपूर्ण चोटियों को दोबारा अपने कब्जे में लेकर भारतीय सेना ने 26 जुलाई 1999 को विजय हासिल की। तभी से हर वर्ष 26 जुलाई को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
कारगिल युद्ध भारत के सैन्य इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण लड़ाइयों में से एक माना जाता है। इस युद्ध में भारतीय सेना ने साहस, रणनीति और अदम्य इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की। यह विजय भारतीय सैनिकों के बलिदान और राष्ट्र की एकता का प्रतीक बन चुकी है।
कारगिल विजय दिवस 2026 देशवासियों में राष्ट्रभक्ति, सैन्य सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करता है। यह दिन युवाओं को सेना के शौर्य और बलिदान से प्रेरणा लेने का अवसर देता है। साथ ही, शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट के माध्यम से भारतीय सेना के वीर जवानों और कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य बताया।
कारगिल विजय दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम, सैन्य सम्मान समारोह और राष्ट्रभक्ति से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाते हैं। इस वर्ष मुख्य समारोह लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में आयोजित किया गया।
No Comment! Be the first one.