KMC Building Audit में बड़ा खुलासा हुआ है। 160 निर्माणाधीन बहुमंजिला परियोजनाओं में केवल 11 को मंजूरी मिली, जबकि 23 इमारतों का निर्माण कार्य रोक दिया गया।
News Saga Desk
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की ओर से किए गए KMC Building Audit में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। तारातला में निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम ढहने की घटना के बाद निगम ने शहर की निर्माणाधीन बहुमंजिला परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा शुरू की थी। इस जांच में पता चला कि 160 निर्माणाधीन परियोजनाओं में से केवल 11 इमारतें ही निर्धारित सुरक्षा और निर्माण मानकों पर खरी उतरी हैं। यानी महज 6.87 प्रतिशत परियोजनाओं को ही मंजूरी मिली है।
केएमसी की इस रिपोर्ट ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के सामने आने के बाद निर्माण क्षेत्र से जुड़े डेवलपर्स और प्रमोटरों में भी हलचल बढ़ गई है।
23 परियोजनाओं में गंभीर खामियां
KMC Building Audit के दौरान 23 निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारतों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इनमें घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल, श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही और भवन निर्माण संहिता का उल्लंघन प्रमुख रूप से शामिल है।
केएमसी आयुक्त स्मिता पांडे ने कहा कि इन परियोजनाओं में जिस तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा था, उससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इसी को देखते हुए निगम ने इन 23 परियोजनाओं में निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश जारी कर दिया है।
डेवलपर्स को सुधार के निर्देश
नगर निगम ने संबंधित परियोजनाओं की फाइलें डेवलपर्स और प्रमोटरों को वापस भेज दी हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के बाद ही दोबारा मंजूरी के लिए आवेदन किया जाए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक निर्माण संबंधी सभी नियमों का पालन नहीं किया जाता, तब तक इन परियोजनाओं में किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा। यह कदम भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पिछले तीन वर्षों के आंकड़े भी चिंताजनक
KMC Building Audit रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में शहर में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के लिए कुल 344 आवेदन प्राप्त हुए थे। पहले चरण में 200 निर्माणाधीन परियोजनाओं की पहचान की गई और उनमें से 160 स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया गया।

अभी भी कई परियोजनाओं की जांच बाकी है और निगम ने संकेत दिया है कि आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इससे स्पष्ट है कि निर्माण क्षेत्र में नियमों के पालन को लेकर व्यापक स्तर पर निगरानी की जरूरत है।
41 अन्य परियोजनाओं की तकनीकी जांच जारी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 41 अन्य निर्माणाधीन बहुमंजिला परियोजनाओं की ऑडिट रिपोर्ट तकनीकी उपसमिति को भेजी गई है। इन परियोजनाओं पर अंतिम निर्णय उपसमिति की जांच और मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
यदि इन परियोजनाओं में भी गंभीर कमियां पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इससे निर्माण क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
तारातला हादसे के बाद शुरू हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि पिछले महीने तारातला में निर्माणाधीन तीन मंजिला गोदाम ढहने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। इसके बाद कोलकाता नगर निगम ने अपने अधिकार क्षेत्र में चल रही सभी निर्माणाधीन बहुमंजिला परियोजनाओं की समीक्षा का आदेश दिया था।
इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया कि क्या निर्माण परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों का पालन पर्याप्त रूप से हो रहा है। KMC Building Audit का उद्देश्य इसी तरह की घटनाओं को रोकना और निर्माण प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित तथा पारदर्शी बनाना है।
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जनता और निर्माण क्षेत्र पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से निर्माण क्षेत्र में नियमों का पालन करने के लिए दबाव बढ़ेगा। साथ ही, आम लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा कि बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं की जाएगी।
केएमसी ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित जांच की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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