झारखंड में 6 से 10 वर्ष की अनाथ व एकल अभिभावक बालिकाओं के लिए खुलेंगे नए आवासीय विद्यालय

News Saga Desk

रांची : झारखंड में अब 6 से 10 वर्ष आयु वर्ग की अनाथ तथा एकल अभिभावक की बेटियों को आवासीय व्यवस्था के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) ने राज्य के सभी जिलों में नए नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय (अनाथ) विद्यालय खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य समाज के सबसे वंचित तबके की बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा का अवसर देना है।

सभी जिलों से मांगी गई जानकारी

JEPC ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर ऐसी बालिकाओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा है, जिनके लिए ये नए आवासीय विद्यालय प्रस्तावित हैं। वर्तमान में राज्य में केवल रांची और पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक-एक आवासीय विद्यालय संचालित है। छात्राओं की सूची प्राप्त होने के बाद संबंधित जिलों में विद्यालयों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा।

सिफारिशों के आधार पर लिया गया निर्णय

यह निर्णय लोकसभा सचिवालय की स्टैंडिंग कमेटी ऑन लेबर, टेक्सटाइल एंड स्किल डेवलपमेंट की अनुशंसा के आधार पर लिया गया है। नए विद्यालयों के लिए आगामी बजट में प्रावधान करते हुए प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की तैयारी की जा रही है।

नामांकन में वंचित बालिकाओं को प्राथमिकता

आवासीय विद्यालयों में नामांकन के दौरान अत्यधिक वंचित एवं कठिन परिस्थितियों में रहने वाली बालिकाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। कुल 11 श्रेणियों की बालिकाओं को इस योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के दायरे में रखा गया है।

30 जनवरी तक मांगी गई रिपोर्ट

JEPC के निदेशक शशि रंजन ने सभी जिलों से 30 जनवरी तक पात्र बालिकाओं की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए शिशु पंजी के अद्यतन आंकड़ों का भी उपयोग किया जाएगा। रिपोर्ट में छात्रा का नाम, माता-पिता का नाम, पूरा पता, प्रखंड, मोबाइल नंबर तथा संबंधित श्रेणी की जानकारी शामिल होगी।

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