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महिला 54 किग्रा बॉक्सिंग फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को 5-0 से हराया, भारत को बॉक्सिंग में मिला पहला स्वर्ण

ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 54 किलोग्राम भार वर्ग की चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने फाइनल मुकाबले में कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को सर्वसम्मत 5-0 के फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ प्रीति ने इस संस्करण के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को बॉक्सिंग का पहला गोल्ड मेडल दिलाया।
22 वर्षीय प्रीति पवार ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक अपने दबदबे को कायम रखा। खिताबी मुकाबले में भी उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक और नियंत्रित बॉक्सिंग का प्रदर्शन किया। उनकी जीत को भारतीय बॉक्सिंग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
फाइनल में 5-0 से दर्ज की शानदार जीत
महिला 54 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रीति पवार के सामने कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो थीं। मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय मुक्केबाज ने अपनी गति और सटीक पंचों से दबाव बनाना शुरू कर दिया।
प्रीति ने फुटवर्क का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए डेलगाडो को लगातार पीछे हटने पर मजबूर किया। उन्होंने आक्रमण के साथ-साथ डिफेंस पर भी नियंत्रण बनाए रखा। मुकाबले में उनकी रणनीति स्पष्ट नजर आई और वह रिंग में अधिक प्रभावी मुक्केबाज के रूप में सामने आईं।
अंत में पांचों जजों ने प्रीति के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें 5-0 से विजेता घोषित किया गया। इस तरह प्रीति पवार कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीतने वाली खिलाड़ी बन गईं।
सेमीफाइनल में भी रहा दबदबा
फाइनल से पहले प्रीति पवार ने सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया था। इससे पहले क्वार्टरफाइनल में उन्होंने उत्तरी आयरलैंड की निकोल क्लाइड को भी 5-0 से मात दी थी।
प्रीति ने शुरुआती मुकाबलों से ही अपनी तकनीक, गति और रिंग पर नियंत्रण का परिचय दिया। प्री-क्वार्टरफाइनल में उन्होंने मलावी की डेबोरा मटेन्जे को दूसरे राउंड में रेफरी स्टॉपेज के जरिए हराया था। इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया था कि वह इस प्रतियोगिता में पदक की मजबूत दावेदार हैं।
प्रीति पवार के लिए यह स्वर्ण पदक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है। वह इससे पहले 2022 एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने 2026 एशियन एलीट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था और 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स में भी गोल्ड हासिल किया था।
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं प्रीति ने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा लेते हुए उन्होंने सीधे स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया है।
भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ा दिन
प्रीति पवार कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की सफलता भारतीय बॉक्सिंग अभियान के लिए भी बेहद अहम है। ग्लासगो में भारतीय मुक्केबाजों से इस बार काफी उम्मीदें हैं और प्रीति के गोल्ड ने पदक अभियान को नई मजबूती दी है।
प्रीति की सफलता के बाद भारतीय बॉक्सिंग दल की नजर अब अन्य फाइनल मुकाबलों पर भी है। भारतीय मुक्केबाजों ने प्रतियोगिता में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और कई खिलाड़ियों ने पदक मुकाबलों में जगह बनाई है।
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कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग भारत के मजबूत खेलों में शामिल रहा है। ऐसे में 54 किलोग्राम महिला वर्ग में प्रीति का स्वर्ण पदक भारत के कुल पदक अभियान के लिए महत्वपूर्ण योगदान है।
उनकी जीत ने देशभर के खेल प्रेमियों में उत्साह बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया से लेकर खेल जगत तक प्रीति पवार के प्रदर्शन की चर्चा हो रही है। उनकी मेहनत, अनुशासन और लगातार बेहतर होते प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय बॉक्सिंग की उभरती हुई प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।
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