West Bengal Diesel Supply को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अस्पताल, कृषि, उद्योग और सार्वजनिक सेवाओं को डीजल वितरण में विशेष छूट दी गई है।
News Saga Desk
पश्चिम बंगाल सरकार ने West Bengal Diesel Supply व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए आवश्यक सेवाओं, कृषि क्षेत्र और उद्योगों को विशेष राहत प्रदान की है। राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार डीजल वितरण पर लागू प्रतिबंधों के बीच कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को छूट दी गई है ताकि आम जनजीवन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
शनिवार रात पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि विश्वदीप राय चौधरी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के इस फैसले से स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि कार्यों और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। West Bengal Diesel Supply से जुड़े इस नए आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजल वितरण प्रतिबंधों के बीच सरकार का बड़ा फैसला
भारत सरकार के मोटर स्पिरिट एवं हाई-स्पीड डीजल (टेम्पररी रेगुलेशन ऑफ सप्लाई थ्रू रिटेल आउटलेट्स) ऑर्डर, 2026 के तहत डीजल वितरण पर कुछ नियंत्रण लागू किए गए हैं। इन प्रतिबंधों के कारण कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संचालन संबंधी समस्याएं सामने आ रही थीं।
राज्य सरकार के अनुसार अस्पतालों के बैकअप सिस्टम, सिंचाई व्यवस्था, डेयरी उद्योग, कोल्ड स्टोरेज, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में डीजल की उपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी स्थिति को देखते हुए West Bengal Diesel Supply नीति में विशेष छूट का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी निर्बाध आपूर्ति
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवाओं और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को डीजल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
इन सेवाओं को राज्य की प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। आपातकालीन परिस्थितियों में जनरेटर, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक उपकरणों के संचालन के लिए पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को राहत
राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए किसानों और कृषि आधारित गतिविधियों को भी विशेष छूट दी गई है।
सरकार ने खेती, सिंचाई, कटाई, डेयरी, पोल्ट्री फार्म, कोल्ड स्टोरेज और बेकरी उद्योगों को डीजल आपूर्ति में राहत देने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को खेती के महत्वपूर्ण कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि West Bengal Diesel Supply में दी गई यह राहत खाद्य उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने में मदद करेगी।
चाय उद्योग और सार्वजनिक उपयोगिता सेवाएं भी शामिल
पश्चिम बंगाल की पहचान माने जाने वाले चाय उद्योग को भी इस विशेष छूट के दायरे में शामिल किया गया है। सरकार ने चाय बागानों के प्रसंस्करण कारखानों और उनके परिवहन तंत्र को निर्बाध डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा आवासीय परिसरों में जल आपूर्ति और सीवरेज पंपों के संचालन के लिए भी डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में जनरेटर संचालन को भी विशेष अनुमति दी गई है।
सर्कुलर के दो महत्वपूर्ण प्रावधान
सरकार द्वारा जारी सर्कुलर में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
पहला, चयनित आवश्यक क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डीजल वितरण की दैनिक सीमा में छूट प्रदान की जाएगी।
दूसरा, अधिकृत उपभोक्ताओं को विशेष परिस्थितियों में बैरल और कंटेनर के माध्यम से हाई-स्पीड डीजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे स्थायी मशीनों, औद्योगिक उपकरणों और अन्य आवश्यक प्रणालियों का संचालन बिना रुकावट जारी रह सकेगा।
तेल कंपनियों और डीलरों को दिए गए निर्देश
राज्य सरकार ने इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम सहित सभी तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार अधिकृत उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित उपभोक्ताओं को पहचान पत्र, व्यापार पंजीकरण प्रमाणपत्र, भूमि संबंधी दस्तावेज अथवा सरकारी अनुमति पत्र प्रस्तुत करना पड़ सकता है।
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आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि West Bengal Diesel Supply को लेकर सरकार का यह फैसला राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक होगा। इससे उद्योगों, कृषि क्षेत्र और आवश्यक सेवाओं का संचालन प्रभावित नहीं होगा तथा आम जनता को भी राहत मिलेगी।
सरकार ने इस आदेश को अत्यंत आवश्यक श्रेणी में रखते हुए सभी जिलों और संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इस कदम से राज्य में डीजल आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद जरूरी सेवाओं का संचालन सुचारु बना रहेगा।
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