पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद सौहार्द, लेकिन वोटिंग के दौरान हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

News Saga Desk

पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के साथ ही चुनावी शोर थम चुका है और राज्य में माहौल सामान्य होता नजर आ रहा है। चुनावी मुकाबले के बाद राजनीतिक सौहार्द की झलक भी देखने को मिली, जब विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का तृणमूल कांग्रेस कैंप में जाना और टीएमसी कार्यकर्ताओं के साथ सहज बातचीत का एक वीडियो सामने आया।

हालांकि, राज्य में शांति के इस माहौल के बीच एक अहम कानूनी लड़ाई अब दिल्ली में जारी है। “सनातनी संसद” की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें चुनाव परिणाम आने के बाद संभावित हिंसा को लेकर चिंता जताई गई है और उससे निपटने के लिए एहतियाती उपायों की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, चुनाव आयोग ने भी एहतियात बरतते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों की करीब 700 कंपनियों को चुनाव परिणाम आने के बाद भी अगले आदेश तक पश्चिम बंगाल में ही तैनात रखने का निर्देश दिया है।

याचिका में 2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा का हवाला दिया गया है। उस दौरान हालात इतने बिगड़ गए थे कि मानवाधिकार आयोग को हस्तक्षेप करते हुए जांच करानी पड़ी थी और विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई थी।

चुनाव आयोग ने अपने पक्ष में कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अराजकता सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है और इससे सख्ती से निपटना जरूरी है।

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