NewsSaga Desk
पश्चिमी सिंहभूम | आजादी के 79 वर्षों बाद भी झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में पताहातु गांव में पक्की सड़क न बनने के कारण ग्रामीणों ने शुक्रवार को कच्ची सड़क पर ही धान रोपकर आक्रोश व्यक्त किया। यह विरोध प्रदर्शन जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल के नेतृत्व में किया गया।
कुंकल ने कहा कि कच्ची सड़क होने के कारण आए दिन दुर्घटना होती रहती है। यह समस्या बरसात के मौसम में और अधिक बढ़ जाती है, जिससे यहां समय पर एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती है और मरीज को खाट के माध्यम से मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। वर्षों से इस समस्या की मार झेल रहे ग्रामीणों में आक्रोश है जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गांव में सड़कें मात्र 10 दिनों में बन जाती हैं, जबकि यहां की जनता अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।
ग्रामीणों ने बताया कि बुनुमलता गांव के डोगोर चौक से पताहातु होते हुए उत्क्रमित मध्य विद्यालय डेमकापदा तक की सड़क निर्माण की मांग को लेकर 12 जुलाई 2024 को जिला उपायुक्त को लिखित आवेदन दिया गया था। लेकिन ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कनिष्ठ अभियंता की लापरवाही के कारण अब तक सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने आगामी 13 सितंबर 2025 को ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल कार्यालय के समक्ष धरना देने का निर्णय लिया है।
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