क्रिस्टल पैलेस को मल्टी-क्लब ओनरशिप नियमों के उल्लंघन के चलते यूएफा कॉन्फ्रेंस लीग में किया गया डिमोट

लंदन/न्यूऑन | प्रीमियर लीग क्लब क्रिस्टल पैलेस को यूरोपीय फुटबॉल में बड़ा झटका लगा है। यूएफा ने शुक्रवार को घोषित किया कि मल्टी-क्लब ओनरशिप नियमों के उल्लंघन के चलते क्लब को यूरोपा लीग से हटा कर तीसरे स्तर की प्रतियोगिता यूएफा कॉन्फ्रेंस लीग में स्थानांतरित कर दिया गया है। दूसरी ओर, ओलंपिक लियोन को यूरोपा लीग में खेलने की अनुमति दे दी गई है।

बता दें कि ईगल फुटबॉल ग्रुप , जो लियोन का बहुसंख्यक मालिक है, वहीं इसके चेयरमैन जॉन टेक्सटर क्रिस्टल पैलेस में भी नियंत्रणकारी हिस्सेदारी रखते हैं। यह स्थिति यूएफा के मल्टी-क्लब स्वामित्व नियमों के खिलाफ है।

क्रिस्टल पैलेस ने पिछला सत्र एफए कप जीतकर यूरोपा लीग के लिए क्वालिफाई किया था, जबकि लियोन लिग 1 में छठे स्थान पर रहते हुए इस प्रतियोगिता में पहुंचे। लियोन को खराब वित्तीय स्थिति के चलते फ्रांस की घरेलू लीग 2 में डिमोट करने का खतरा था, लेकिन बुधवार को यह फैसला पलट दिया गया, जिसे यूएफा की क्लब फाइनेंशियल कंट्रोल बॉडी (सीएफसीबी) अपने निर्णय से पहले देख रही थी।

यूएफा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा:“तदनुसार, सीएफसीबी फर्स्ट चैंबर ने ओलंपिक लियोन और क्रिस्टल पैलेस द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की समीक्षा की और यह निष्कर्ष निकाला कि 1 मार्च 2025 तक ये क्लब मल्टी-क्लब ओनरशिप के मानदंडों का उल्लंघन कर रहे थे।”

हालांकि, क्रिस्टल पैलेस इस फैसले के खिलाफ कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में अपील कर सकता है।

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