News Saga Desk
जमशेदपुर। रेल मंत्रालय ने दक्षिण पूर्व रेलवे के गुंडाबिहार से चांडिल तक रेल फ्लाईओवर सहित नई बाईपास लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। 10.6 किलोमीटर लंबी इस बाईपास रेल लाइन परियोजना पर 343.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। रेल प्रशासन ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी साझा की है।
इस प्रस्तावित रेल फ्लाईओवर सहित बाईपास रेल लाइन का निर्माण चांडिल स्टेशन पर किया जाएगा। जहां से गुंडा बिहार से आने वाली ट्रेनों के लिए क्रासिंग की आवश्यकता होती है। वर्तमान में चांडिल से नीमडीह (आद्रा की ओर) के बीच सभी अप व डाउन लाइन की ट्रेनों को ट्रैफिक जाम के कारण अत्याधिक विलंब का सामना करना पड़ता है। इस लाइन में मालगाड़ियों की आवाजाही ज्यादा होने के कारण कई यात्री ट्रेनों को भी सेक्शन में एक से दो घंटे तक कंट्रोल किया जाता है। इस ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान के लिए रेल मंत्रालय ने चांडिल और गुंडाबिहार के बीच फ्लाईओवर का निर्माण करा रही है।
रेल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह एक संतृप्त एकल लाइन खंड की क्षमता में वृद्धि होगी और बढ़ती मालगाड़ियों और यात्री यातायात की आवश्यकता को पूरा करेगा, क्योंकि अगले एक दशक में मालगाड़ियों की संख्या, चक्रधरपुर मंडल के लोडिंग क्षमता से लेकर यात्री ट्रेनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने का अनुमान है।
इसके अलावा, यह रेल फ्लाईओवर चक्रधरपुर-आद्रा और चक्रधरपुर रांची कारिडोर के बीच निर्बाध संपर्क को भी सक्षम करेगा। इसके साथ ही यह तीसरी व चौथी रेल लाइन परियोजना के साथ एकीकृत होकर समग्र नेटवर्क विकास को भी सुनिश्चित करेगा। यह परियोजना रेलवे के क्षमता विस्तार, दक्षता, सुरक्षा सहित क्षेत्रीय विकास के रणनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप है।
ट्रैफिक जाम के कारण यात्री ट्रेनों को होती है परेशानी
चक्रधरपुर मंडल में वर्तमान में तीन चोकिंग प्वाइंट, राउरकेला-चक्रधरपुर सेक्शन, चांडिल-नीमडीह सेक्शन व आसनबनी सेक्शन हैं जहां ट्रेनें सबसे अधिक ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मालगाड़ी व यात्री ट्रेनें एक के पीछे एक खड़ी रहती हैं और इन्हें एक-एक कर छोड़ा जाता है।
इसके कारण सबसे ज्यादा यात्री ट्रेनों को चक्रधरपुर से टाटानगर के बीच लगभग 62 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन घंटे का समय लगता है। ट्रेनों की इस लेटलतीफी के कारण यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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