बिहार SIR पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, बोले- आरोप के लिए तथ्य और दस्तावेज जरूरी

बिहार SIR पर CM सम्राट चौधरी ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने मतदाता सूची, BLO सत्यापन और चुनावी गड़बड़ी के आरोपों पर बयान दिया।

News Saga Desk

पटना: बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के सवालों और आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया नई नहीं है और बिहार में इससे पहले 2003 में भी ऐसी प्रक्रिया हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने SIR के दौरान BLO की भूमिका, मतदाताओं के सत्यापन और मतदाता सूची में हुए बदलावों का जिक्र किया।

चुनाव आयोग के मुताबिक, 24 जून 2025 को बिहार में करीब 7.89 करोड़ मतदाता थे। SIR के बाद 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में करीब 7.42 करोड़ मतदाता शामिल रहे। आयोग के अनुसार ड्राफ्ट सूची से करीब 65 लाख नाम हटे थे, जबकि दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद 21.53 लाख पात्र मतदाताओं को फॉर्म-6 के जरिए जोड़ा गया।

BLO ने घर-घर जाकर किया मतदाताओं का सत्यापन

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार SIR के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया। मतदाताओं के सत्यापन के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई और लोगों को दावे तथा आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया।

चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, SIR के दौरान करीब 22 लाख मृत मतदाताओं के नाम रिपोर्ट हुए थे। करीब 35 लाख मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित या ट्रेस नहीं हो सके थे, जबकि लगभग 7 लाख मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए थे।

बाद में अंतिम सूची तैयार होने से पहले दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत पात्र लोगों को नाम जोड़ने और गलत प्रविष्टियों पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया।

‘विपक्ष एक भी ऐसा व्यक्ति सामने नहीं ला पाया’

SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि विपक्ष एक भी ऐसे व्यक्ति को सामने नहीं ला पाया, जो बिहार का निवासी हो और उसका नाम जानबूझकर मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया हो।

उन्होंने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए कुछ मामलों का भी जिक्र किया। इनमें राजू देवी, नवादा के सुबोध कुमार, औरंगाबाद के अमन, लालमुनि देवी, पूनम कुमारी और बछिया देवी के नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन मामलों में प्रशासन ने संबंधित लोगों से संपर्क कर जानकारी ली।

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सम्राट चौधरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव पर भी राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दोनों नेताओं पर बिहार में ‘टूरिज्म’ करने का तंज कसा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सामने आना चाहिए। उन्होंने SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर चुनाव आयोग की प्रक्रिया का भी बचाव किया।

चुनाव में गड़बड़ी हुई या नहीं, कोर्ट तय करेगा

चुनाव में कथित गड़बड़ी और चुनाव रद्द करने की मांग से जुड़े सवाल पर सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि किसी के पास अनियमितता से संबंधित ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें सामने लाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चुनाव में गड़बड़ी हुई या नहीं, इसका अंतिम निर्णय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में है। यानी राजनीतिक आरोपों के बजाय दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया के जरिए मामले को आगे बढ़ाने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

‘कांग्रेस का मतलब एक परिवार से है’

सम्राट चौधरी ने कांग्रेस पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने नेहरू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर परिवारवाद और सत्ता का लाभ लेने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में एक परिवार को लेकर विपक्ष को जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब परिवार से आने और प्रधानमंत्री बनने के बाद कुछ लोगों को परेशानी हो रही है।

INDIA गठबंधन की बैठक पर भी तंज

30 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर भी सम्राट चौधरी ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि गठबंधन की कई बैठकें हो चुकी हैं और अब उसमें कौन-कौन लोग बचे हैं, यह भी सवाल है।

वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब लड़कियों से छेड़छाड़ से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वह SIR के मुद्दे पर बात कर रहे हैं।

SIR को लेकर आगे भी जारी रहेगी राजनीतिक बहस

बिहार SIR को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची में हुए बदलावों पर राजनीतिक बहस जारी है। आयोग ने कहा था कि अंतिम सूची में करीब 7.42 करोड़ मतदाता शामिल हैं और पात्र मतदाताओं के लिए नाम जुड़वाने तथा अपील की व्यवस्था भी मौजूद है।

सम्राट चौधरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं। इस पूरे मामले में मतदाता सूची से जुड़े आंकड़े, दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया आगे की बहस का महत्वपूर्ण आधार रहेंगे।

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