2019 में BJP से बगावत, 2025 में मिला इनाम; बहू के बाद अब ससुर पर भी लालू यादव की मेहरबानी

News Saga Desk  

चतरा। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता पर भरोसा जताते हुए संगठन का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। सदर प्रखंड के कारी गांव निवासी सत्यानंद भोगता ने अपने इस मनोनयन को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति कृतज्ञता व्यक्ति करते हुए कहा है कि पूरी निष्ठा के साथ संगठन के प्रति समर्पित रहूंगा।

बता दें कि सत्यानंद भोगता चतरा की राजनीति में एक माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। ढाई दशक के राजनीतिक करियर में तीन बार चतरा विधानसभा क्षेत्र का नेतृत्व किया और पांच बार मंत्री पद पर आसीन रहे हैं। भाजपा से उन्होंने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की और वर्तमान समय में राजद का झंडा बुलंद किया है।

सत्यानंद भोगता वर्ष 2000 में पहली बार भाजपा के टिकट से विधायक निर्वाचित हुए थे। उस वक्त झारखंड अस्तित्व में नहीं आया था। राज्य गठन के करीब तीन साल बाद अर्जुन मुंडा सरकार में पहली बार पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री बने थे। इसके बाद 2005 का चुनाव जीतने के बाद दूसरी बार मुंडा सरकार में कृषि एवं गन्ना विकास मंत्री बने। 2009 का चुनाव चतरा की जगह सिमरिया निर्वाचन क्षेत्र से लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद 2014 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। सत्यानंद भोगता बगावत करते हुए उस समय की झारखंड विकास मोर्चा में चले गए और चतरा से किस्मत आजमाई, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।

भाजपा के जयप्रकाश सिंह के हाथों भोगता मात खा गए। सत्यानंद भोक्ता झारखंड विकास मोर्चा को अलविदा करते हुए 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पूर्व राजद में शामिल हो गए। कुछ महीनों के बाद हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। सत्यानंद भोगता एक बार फिर विधायक बनने में सफल हुए। वह राजद के एक मात्र विधायक थे, इसलिए हेमंत सरकार में श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री बनाए गए। दो-ढाई साल के बाद जब नेतृत्व परिवर्तन हुआ और चंपई सोरेन मुख्यमंत्री बने, तो उनकी सरकार में भी मंत्री बनाए गए। इसी प्रकार जब हेमंत सोरेन जेल से वापस आए और फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लिए, तो उसमें भी मंत्री के रूप में अपनी उपस्थिति को बरकरार रखी। हालांकि, इस बीच वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने भोगता जाति को अनुसूचित से अलग कर जन जाति की श्रेणी कर दिया।

परिणामस्वरूप वे 2024 के चुनाव में भाग्य नहीं आजमा पाए, लेकिन उन्होंने राजनीति उपस्थिति को बनाए रखने के लिए पुत्रवधू रश्मि प्रकाश को मैदान में उतारा। चूंकि पूर्व मंत्री ने बेटे की शादी अंतरजातीय इसी उद्देश्य को लेकर की है। रश्मि प्रकाश ने विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाया, लेकिन संयोग से जीत नहीं पाईं।

पुत्रवधू रश्मि प्रकाश महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष

पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता की पुत्रवधू रश्मि प्रकाश को भी संगठन ने फिर से बड़ा दायित्व सौंपा है। उन्हें दोबारा राजद महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। दो दिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार सिंह यादव ने उनका मनोनयन किया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने मनोनयन की सूचना राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को दे दी है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न प्रकोष्ठों का गठन कर दिया गया है। जिसके तहत रश्मि प्रकाश को महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। विधानसभा चुनाव में मिली शिकस्त के बाद प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें महिला मोर्चा का दायित्व सौंपा था। नई कमेटी में एक बार फिर उन्हें यह दायित्व सौंपा गया है।


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