News Saga Desk
नवरात्र के त्योहार की शुरुआत हो चुकी है। इस दौरान कई लोग उपवास रखते हैं, जिसमें फलाहार के लिए साबुदाने की खीर या खिचड़ी बड़े चाव से खाई जाती है। लेकिन जब बात आती है डायबिटीज के मरीजों की तो सवाल आता है कि क्या वे भी बेफिक्र होकर साबुदाना खा सकते हैं?
दरअसल, इस सवाल का जवाब जानना जरूरी है, क्योंकि खान-पान में लापरवाही डायबिटीज के मरीजों के लिए भारी पड़ सकती है। आइए जानें साबुदाना ब्लड शुगर लेवल को कैसे प्रभावित करता है और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह कितना सुरक्षित है।
क्या डायबिटीज के मरीजों को खाना चाहिए साबुदाना?
साबूदाना मुख्य रूप से शुद्ध कार्बोहाइड्रेट है और इसमें प्रोटीन, फैट या फाइबर की मात्रा न के बराबर होती है।
- हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स- साबूदाना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी हाई होता है। इसका मतलब यह है कि यह शरीर में तेजी से पचकर ग्लूकोज में बदल जाता है और ब्लड शुगर का लेवल अचानक से बढ़ सकता है।
- कम पोषक तत्व- इसमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स बहुत कम होते हैं, इसलिए यह पोषण का अच्छा सोर्स नहीं माना जाता। यह मुख्य रूप से एनर्जी देता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए यह नुकसानदायक हो सकता है।
- वजन बढ़ना- साबूदाना कैलोरी से भरपूर होता है। इसलिए इसे ज्यादा मात्रा में खाने से वजन बढ़ सकता है।
तो आप समझ सकते हैं कि साबूदाना डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है, खासकर अगर सीमित मात्रा में न खाया जाए।
किन बातों का ध्यान रखें?
साबुदाना डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद नहीं है, लेकिन फिर भी अगर इसे खा रहे हैं, तो कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी है-
- कम मात्रा में खाएं- कभी-कभार और बहुत थोड़ी मात्रा में ही साबूदाना खाएं। एक छोटी कटोरी (लगभग 30-40 ग्राम) से ज्यादा न लें।
- बैलेंस बनाएं- साबूदाने को अकेले न खाएं। इसे प्रोटीन और फाइबर से भरपूर चीजों के साथ मिलाकर खाएं।
- खीर से परहेज करें- साबूदाने की खीर, जिसमें चीनी और दूध की मात्रा ज्यादा होती है, डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे नुकसानदायक है।
ब्लड शुगर लेवल मॉनिटर करें- साबूदाना खाने के बाद अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच जरूर करें, ताकि यह पता चल सके कि इसका आपके शरीर पर क्या असर पड़ रहा है।
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