News Saga Desk
नई दिल्ली। राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा आयोजित समारोह में तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान किए गए। इसी कार्यक्रम में 20 आधुनिक इंसुलेटेड दूध टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और देशभर में नौ नस्ल संवर्धन फार्मों का उद्घाटन भी किया गया।
सम्मेलन में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन, विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। देशभर से आए पशुपालकों, डेयरी सहकारी प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दौरान बताया गया कि भारत में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन है, जो वैश्विक औसत 329 ग्राम प्रतिदिन से काफी अधिक है। सचिव नरेश पाल गंगवार ने सेक्स सॉर्टेड सीमन, आईवीएफ और नस्ल सुधार जैसी आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को पशुधन क्षेत्र की प्रगति के लिए बेहद उपयोगी बताया।
प्रो. बघेल ने श्रेष्ठ दुग्ध पशुपालक, श्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन और श्रेष्ठ डेयरी सहकारी संस्था की श्रेणियों में पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भारत में दूध उत्पादन और उपलब्धता में बढ़ोतरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है।
कार्यक्रम में पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए चार स्तरीय ढांचे वाले दिशा-निर्देश भी जारी किए गए, जिनमें प्राथमिक पशु चिकित्सा सेवा केंद्र, ब्लॉक स्तर अस्पताल, जिला अस्पताल और राज्य स्तरीय रेफरल पॉलीक्लिनिक शामिल हैं।
इसी मंच से बेसिक पशुपालन सांख्यिकी 2025 जारी की गई, जो भविष्य की नीतिगत योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े प्रदान करेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया, जबकि राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन ने आधुनिक तकनीकों को डेयरी उत्पादकता बढ़ाने में अहम बताते हुए सभी विजेताओं को शुभकामनाएं दीं।
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