हजारीबाग में 12 साल की बच्ची की नृशंस हत्या पर झारखंड हाईकोर्ट ने जताई सख्त नाराजगी

News Saga Desk

रांची: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में 12 साल की नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद हुई नृशंस हत्या के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को सख्त रुख अपनाया। अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से तुरंत जवाब तलब किया। इस घटना को लेकर पूरे राज्य में गहरा आक्रोश है।

हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को किया तलब

यह मामला अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने उठाया। सुनवाई के दौरान अदालत ने घटना पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की।

खंडपीठ ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और हजारीबाग के एसपी को पार्टी बनाकर उनसे जवाब मांगा और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। अदालत ने इस मामले को जनहित याचिका में बदलते हुए इसे मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को रेफर कर दिया। हजारीबाग के एसपी वर्चुअल माध्यम से सुनवाई में पेश हुए।

घटना का पूरा विवरण

25 मार्च को विष्णुगढ़ में 12 साल की बच्ची का शव संदिग्ध हालत में मिला। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया और साक्ष्य मिटाने के लिए उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैला और लोग दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

भाजपा ने बुलाया हजारीबाग बंद

इस घटना के विरोध में भाजपा ने 30 मार्च को हजारीबाग बंद का आह्वान किया। पार्टी लगातार सरकार और प्रशासन से सवाल कर रही है। 27 मार्च को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

नेताओं का दौरा और पीड़ित परिवार से मुलाकात

29 मार्च को केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी पीड़ित परिवार से मिलीं। उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताई और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

राज्यभर में आक्रोश और कैंडल मार्च

घटना के विरोध में हजारीबाग समेत कई जगहों पर कैंडल मार्च निकाले गए। धनबाद में भी लोगों ने बच्ची को श्रद्धांजलि देते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई ही समाज में डर पैदा कर सकती है और भविष्य में अपराध को रोक सकती है।

Read More News

दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान, पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया पुरस्कार

झारखंड आंदोलन के जननायक और झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान से नवाजा गया। नई...

संथाल परगना दौरे पर राज्य निर्वाचन पदाधिकारी, मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता पर दिया जोर

राज्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार दो दिवसीय संथाल परगना दौरे पर हैं। दौरे की शुरुआत उन्होंने...

पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा...

Read More