News Saga Desk
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने झारखंड में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने के लिए कई अहम निर्देश देते हुए साफ कहा कि पार्टी का ढांचा सिर्फ व्हाट्सएप और फोन से नहीं चल सकता। शुक्रवार को देवघर सर्किट हाउस में प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक में उन्होंने नेताओं को साल में 25–30 दिन क्षेत्र में प्रवास अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया।
नड्डा ने कहा कि प्रवास के दौरान स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों, सामाजिक समीकरणों और आने वाले 1 से 5 वर्षों की रणनीति पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने 25–35 वर्ष आयु वर्ग के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया।
आदिवासी समुदाय से सीधे संवाद पर बल
नड्डा ने कहा कि प्रवास के दौरान समाज के सभी वर्गों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के नेतृत्वकर्ताओं और उनके समाज से सीधे संवाद स्थापित किए जाएं। उनकी समस्याओं को समझकर संगठनात्मक रणनीति तैयार करने की बात भी कही।
उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय लोगों से राज्य सरकार की विफलताओं पर चर्चा करें और गांव–टोले, चौक–चौराहों तथा चाय दुकानों पर उनसे सीधे जुड़ने की आदत डालें। साथ ही मीडिया के माध्यम से भी सरकार की नाकामियों को सामने लाने पर जोर दिया।
पिछली भाजपा सरकार की उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाने की बात
नड्डा ने कहा कि भाजपा की पिछली सरकार की उपलब्धियां और वर्तमान सरकार द्वारा बाधित योजनाओं की जानकारी भी जनता तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संगठन ‘सिस्टम’ से चलता है, किसी व्यक्ति की इच्छा से नहीं, और सिस्टम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय है।
बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी मौजूद रहे।
एसआईआर से फर्जी वोटरों पर कार्रवाई
नड्डा ने एसआईआर (Voter List Purification System) मुद्दे पर कहा कि संताल परगना और कोल्हान क्षेत्रों में बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण डेमोग्राफी में बदलाव आया है। झारखंड में जल्द ही एसआईआर शुरू होगा, जिसके जरिए फर्जी वोटरों को हटाया जाएगा और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
उन्होंने भाजपा संगठन को निर्देश दिया कि ऐसे इलाकों की पहचान की जाए जहां घुसपैठ अधिक हुई है और बूथ स्तर पर मजबूती बढ़ाई जाए।
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