NEWS SAGA DESK
रांची: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य और विधि व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार पर वादाखिलाफी और कुप्रबंधन के आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार ने किसानों से 3200 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा किया था, लेकिन कैबिनेट से 2450 रुपये ही तय किया गया है, जो किसानों के साथ धोखा है।
किसानों को मजबूरन कम दाम में धान बेचना पड़ रहा—नवीन जायसवाल
भाजपा मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने देर से एमएसपी तय किया और वादे से मुकर गई। उन्होंने कहा कि किसान औने-पौने दामों पर धान बेचने को मजबूर हैं।
विधि व्यवस्था और कीमत—दोनों पर सरकार फेल—नीरा यादव
विधायक नीरा यादव ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर असफल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में चोरी हो रही है और मंत्री घटनाओं पर सही प्रतिक्रिया देने में नाकाम हैं। उनका कहना था कि सत्ता पक्ष के विधायक भी सरकार से असंतुष्ट हैं।
सत्तापक्ष का जवाब—वादे पूरे होंगे, विपक्ष भ्रम फैला रहा
विपक्ष के आरोपों पर सत्तापक्ष ने पलटवार किया। कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि किसानों से किए गए वादे पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एमएसपी बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और अनुपूरक बजट में धान अधिप्राप्ति के लिए प्रावधान भी किया गया है। कच्छप ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह किसानों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। सरकार अन्नदाताओं की समस्याओं को समझती है और समाधान के लिए कदम उठा रही है।
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