झारखंड में शीतलहर का कहर, स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टी पर हो सकता है फैसला

News Saga Desk

झारखंड में कड़ाके की ठंड और शीतलहर अपने चरम पर पहुंच चुकी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. तेज कनकनी वाली ठंड का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है. सुबह और शाम के समय तापमान काफी नीचे चला जाने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. इसे देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग जल्द कोई निर्णय ले सकता है.

जानकारी के अनुसार, बढ़ती ठंड को देखते हुए राज्य में स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया जा सकता है. इस संबंध में शिक्षा विभाग सोमवार को दिशा-निर्देश जारी कर सकता है. राजधानी रांची सहित कई जिलों में कुछ निजी स्कूल सुबह सात बजे से ही संचालित हो रहे हैं, जिससे छोटे बच्चों को ठंड में घर से निकलना पड़ रहा है और उनकी सेहत पर खतरा बढ़ गया है.

ठंड को लेकर कई जिलों से स्कूल बंद करने की मांग भी उठने लगी है. रामगढ़ में आजसू पार्टी के नगर सचिव नीरज मंडल ने जिला प्रशासन से सभी स्कूलों में कुछ दिनों के लिए अवकाश घोषित करने की मांग की है. उनका कहना है कि तापमान काफी नीचे चला गया है और छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में गंभीर परेशानी हो रही है.

शीतलहर के चलते बच्चों को सुबह तेज ठंड में स्कूल बस पकड़नी पड़ रही है, वहीं दोपहर बाद भी ठंड में कोई खास कमी नहीं आ रही. कई बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे सर्दी, खांसी और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

अभिभावकों और समाजसेवियों ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि मौजूदा मौसम में स्कूलों का संचालन बच्चों की सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है. उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द फैसला लेने और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है.

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