झारखंड कैबिनेट के 39 बड़े फैसले, पेसा नियमावली को मिली मंजूरी; ग्राम सभाओं के अधिकारों का होगा विस्तार

News Saga Desk

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। इस बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (पेसा) की नियमावली को मंजूरी देना रहा।

सरकार के इस निर्णय को आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वशासन को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। पेसा कानून लागू होने के बाद ग्राम सभाओं के अधिकार और भूमिका मजबूत होगी तथा स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ेगी।

कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार जनता की जरूरतों और भावनाओं के अनुरूप लगातार फैसले ले रही है। उन्होंने बताया कि पेसा कानून को प्रभावी और व्यवहारिक बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों से विस्तृत सुझाव लिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि इस कानून के माध्यम से ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में स्वशासन की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

कैबिनेट बैठक में इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी:

  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन की स्वीकृति।
  • पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 के गठन को मंजूरी।
  • मिशन वात्सल्य के तहत बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के संचालन के लिए मार्गदर्शिका को स्वीकृति।
  • प्री-बजट कार्यशाला के आयोजन हेतु वित्त नियमावली में शिथिलता देते हुए डॉ. सीमा अखौरी एवं उनकी टीम को नॉलेज पार्टनर के रूप में चयन की मंजूरी।
  • राज्यस्तरीय आकांक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों एवं समन्वयकों के मानदेय में वृद्धि की स्वीकृति।
  • 21 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए 51.16 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति।
  • अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण साहिबगंज सदर अस्पताल की डॉ. मिनी सिन्हा एवं ओरमांझी सीएचसी की डॉ. रीमा को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी।
  • वनरक्षियों को प्रधान वनरक्षी पद पर प्रोन्नति के लिए नियमों में एक बार की शिथिलता।
  • सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्ति के लिए आयु सीमा निर्धारण को 2030 तक लागू रखने की स्वीकृति।
  • झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की मैट्रिक और इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षाएं अब दो चरणों में आयोजित होंगी।
  • परिवहन निदेशालय में मोटरयान निरीक्षक के 21 नए पदों के सृजन की मंजूरी।
  • शीतकालीन सत्र के सत्रावसान पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति।
  • झारखंड संस्कृति संवर्ग नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवा शर्त नियमावली-2025 के गठन की मंजूरी।

कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के प्रशासनिक सुधार, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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