News Saga Desk
पलामू समेत झारखंड के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। जिले में लगातार दूसरे दिन शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है। हाड़ कंपाने वाली ठंड से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, राहगीरों और मजदूरों को झेलनी पड़ रही है। सुबह देर तक और रात में जल्दी सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। ठंड से बचाव के लिए लोग जगह-जगह अलाव का सहारा ले रहे हैं।
घने कुहासे और शीतलहर के चलते जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सोमवार को पूरे दिन कुहासा छाया रहा, जिससे दृश्यता घटकर 10 मीटर से भी कम हो गई। दोपहर में कुछ देर के लिए सूर्य के दर्शन हुए, लेकिन ठंड से कोई खास राहत नहीं मिल सकी। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी पलामू में पूरे दिन कुहासा छाए रहने और न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस सर्दी में अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 30 दिसंबर को 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जब एक ही दिन में तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट देखी गई थी। इसके बाद कुछ दिनों तक तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई, लेकिन अब एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ लिया है।
आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं सोमवार को मौसम में अचानक बदलाव आया। अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस गिरकर 17.6 डिग्री सेल्सियस रह गया, जबकि न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट के साथ यह 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 8 जनवरी तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। इससे स्कूली बच्चों को राहत मिली है। विभाग के निर्देशानुसार, इस अवधि में विद्यालयों में पठन-पाठन पूरी तरह बंद रहेगा, हालांकि सरकारी स्कूलों के शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्य करते रहेंगे।
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