JPSC सिलेबस और कक्षपाल भर्ती पर विवाद, JLKM ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

News Saga Desk

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सिलेबस और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा कक्षपाल पद के लिए जारी भर्ती विज्ञापन संख्या 07/2025 को लेकर राज्य में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं. इसी मुद्दे को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए आपत्तियां दर्ज कराई हैं.

ज्ञापन में कक्षपाल भर्ती प्रक्रिया में आदिवासी, मूलवासी और स्थानीय अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट देने की मांग की गई है. अभ्यर्थियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि भर्ती विज्ञापन में झारखंड सरकार के संकल्प संख्या 440 के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है. उनके अनुसार, संकल्प के तहत आयु की कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2019 निर्धारित होनी चाहिए थी, जबकि JSSC के विज्ञापन में इसे 1 अगस्त 2025 रखा गया है. इससे बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं.

JPSC सिविल सेवा परीक्षा के सिलेबस को लेकर भी ज्ञापन में गंभीर सवाल उठाए गए हैं. आरोप है कि मौजूदा सिलेबस आदिवासी और ग्रामीण पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों के लिए अत्यधिक कठिन और जटिल है. बताया गया कि प्रसिद्ध कोचिंग संस्था दृष्टि IAS के निदेशक विकास दिव्यकृति ने भी सार्वजनिक मंच से कहा है कि JPSC का सिलेबस UPSC से भी अधिक कठिन है.

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि JPSC का वर्तमान सिलेबस पूर्व मुख्य सचिव वी.एस. दुबे की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लागू किया गया था. इसी समिति की अनुशंसा पर प्रारंभिक परीक्षा में CSAT प्रणाली लागू की गई थी, जिसका आदिवासी और मूलवासी छात्रों ने विरोध किया था. विरोध के बाद CSAT को हटा दिया गया, लेकिन मुख्य परीक्षा के सिलेबस में अब तक स्थानीय और आदिवासी छात्रों के हित में बदलाव नहीं किया गया है.

देवेंद्रनाथ महतो ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि आदिवासी समाज के अधिकारों और स्थानीय हितों की रक्षा करते हुए JPSC सिलेबस को सरल और क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुरूप बनाया जाए. साथ ही कक्षपाल भर्ती विज्ञापन में आयु सीमा से जुड़ी त्रुटियों को शीघ्र सुधारने की मांग की गई है. JLKM ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा.

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