अवधेश प्रसाद का झारखंड लाठीचार्ज पर हमला, सरकार को चेताया

NEWS SAGA DESK

अवधेश प्रसाद ने झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज को तानाशाही बताया। सपा सांसद ने सरकार को चेताया और JPSC परीक्षा रद्द होने को छात्रों की जीत कहा।

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज को लेकर जेएमएम-कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। अवधेश प्रसाद का झारखंड लाठीचार्ज पर हमला करते हुए उन्होंने पुलिस कार्रवाई को तानाशाही और अलोकतांत्रिक करार दिया। सपा सांसद ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय किया गया है और सरकार को अपने अड़ियल रवैये पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्रों के साथ हुए अन्याय की सरकार को भारी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

अवधेश प्रसाद का झारखंड लाठीचार्ज पर हमला

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। छात्रों की मांगों, कथित परीक्षा अनियमितताओं और पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी झारखंड सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं।

छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया तानाशाही

अवधेश प्रसाद ने कहा कि झारखंड में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनके मुताबिक, ऐसे आंदोलन में छात्रों की बात सुनने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की जरूरत थी। इसके बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।

सपा सांसद ने पुलिस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को जिद छोड़कर युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

अवधेश प्रसाद का झारखंड लाठीचार्ज पर हमला ऐसे समय में सामने आया है जब विधानसभा में भी छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठ चुका है।

सरकार को भारी कीमत चुकाने की चेतावनी

सपा सांसद ने झारखंड सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुए अन्याय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

हालांकि, झारखंड सरकार की ओर से अवधेश प्रसाद के इस बयान पर कोई अलग प्रतिक्रिया इस इनपुट में सामने नहीं आई है। छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

JPSC परीक्षा रद्द होने को बताया छात्रों की जीत

अवधेश प्रसाद ने झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले को छात्रों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों के बीच परीक्षा रद्द होना उनके संघर्ष का परिणाम है।

झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 14वीं JPSC और दो बैकलॉग JPSC परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है। साथ ही TDPL के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं की जांच की बात भी कही गई है।

सरकार के इस फैसले को छात्र आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, छात्रों की अन्य मांगों और जांच की प्रक्रिया को लेकर आगे की स्थिति अभी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

संसद सत्र को लेकर केंद्र पर निशाना

अवधेश प्रसाद ने झारखंड के मुद्दे के अलावा संसद के मानसून सत्र को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष सदन को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सरकार संसद की कार्यवाही ठीक तरीके से नहीं चलने दे रही।

सपा सांसद ने कहा कि संसद लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है, जहां किसान, छात्र, व्यापारी और आम लोगों की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए। उनके मुताबिक, विपक्ष इन मुद्दों को सदन में उठाना चाहता है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब संसद में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी है।

महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर क्या बोले?

महिला आरक्षण के मुद्दे पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि संबंधित विधेयक संसद से पारित हो चुका है, लेकिन उसके प्रावधानों को लेकर अभी व्यावहारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने महिला आरक्षण को लेकर सरकार से आगे की प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की।

डिलिमिटेशन के मुद्दे पर सपा सांसद ने कहा कि सत्ता पक्ष के भीतर ही इस विषय पर पूरी तरह तालमेल नहीं बन पाया है। इसलिए इस पर अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

उन्होंने कहा कि परिसीमन का मुद्दा देश की राजनीति और प्रतिनिधित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए इस पर व्यापक चर्चा जरूरी है।

टीएमसी सांसदों और अकाली दल पर भी प्रतिक्रिया

राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अवधेश प्रसाद ने तृणमूल कांग्रेस के तीन सांसदों के NDA की बैठकों से दूरी बनाने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संभव है कि इन सांसदों ने भाजपा के अंदरूनी राजनीतिक हालात को समझ लिया हो। अकाली दल और भाजपा के बीच बढ़ती नजदीकी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। गठबंधन और राजनीतिक समीकरण परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के 39 पदक जीतने पर अवधेश प्रसाद ने भारतीय खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदर्शन को देश के लिए गौरव का विषय बताया।

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खेलों के अलावा उन्होंने विमानन व्यवस्था से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए। एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान में टर्बुलेंस के कारण क्रू सदस्यों के घायल होने और अयोध्या की कुछ उड़ानों के रद्द होने के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने नागरिक उड्डयन व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल उठाया।झारखंड में छात्र आंदोलन अब राज्य की राजनीति से बाहर भी चर्चा का विषय बन गया है। JPSC की परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं की जांच के बीच विपक्षी दल सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं।अवधेश प्रसाद का झारखंड लाठीचार्ज पर हमला इसी व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है। अब सरकार की ओर से घोषित फैसलों के क्रियान्वयन और जांच की दिशा पर छात्रों के साथ-साथ विपक्षी दलों की भी नजर रहेगी।

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