News Saga Desk
गुमला जिले के गुरदरी थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई दो दर्दनाक घटनाओं के बाद अनाथ हुए सात बच्चों को पुलिस ने उनके सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्वयंसेवी संस्था विकास भारती के हवाले कर दिया है। यह मानवीय पहल थाना प्रभारी प्रकाश तिर्की की ओर से की गई, जिसके तहत बच्चों को विशुनपुर मुख्यालय स्थित विकास भारती संस्था में सुरक्षित रूप से पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार, एक जनवरी को अमटीपानी गांव में बुद्धेश्वर असुर ने अपनी पत्नी दीपशिखा कुमारी की हत्या कर दी थी। इस घटना में उनके चार छोटे बच्चे अनाथ हो गए। वहीं, 5 जनवरी को जोभी पाठ गांव में शनिचरवा असुर ने पत्नी की हत्या कर दी, जिससे उसके तीन बच्चे बेसहारा हो गए। दोनों मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
इन हृदयविदारक घटनाओं के बाद बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता गहराने लगी थी। इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बच्चों के पुनर्वास का निर्णय लिया और उन्हें विकास भारती संस्था को सौंपा।
विकास भारती संस्थान के संयुक्त सचिव ने बच्चों को ग्रहण करते हुए बताया कि संस्था लंबे समय से गरीब, असहाय और अनाथ बच्चों के पुनर्वास के क्षेत्र में कार्य कर रही है। वर्तमान में संस्था में करीब 320 बच्चों को आवास, शिक्षा और भोजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन सातों बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य दिया जाएगा।
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