News Saga Desk
लीबिया से ग्रीस की ओर जा रही प्रवासियों की नाव समुद्र में रास्ता भटक गई, जिससे 22 लोगों की मौत हो गई। इनमें 12 बांग्लादेश के नागरिक हैं। सुनामगंज के उपायुक्त मोहम्मद इलियास मिया ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला प्रशासन अब इस मानव तस्करी मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
नाव डूबने और बचाव की जानकारी
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सुनामगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजन सरकार ने बताया कि अब तक 12 मृतकों की पहचान की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से छह लोग डेराई उपजिला के, पांच लोग जगन्नाथपुर उपजिला के और एक व्यक्ति दोराबाजार उपजिला का निवासी था। मृतकों के शव समुद्र से बरामद किए गए हैं।
28 मार्च को ग्रीक कोस्ट गार्ड ने 26 प्रवासियों को बचाया और उन्हें ग्रीस के एक शिविर में रखा गया। प्रशासन ने परिवार के सदस्यों और स्थानीय प्रतिनिधियों से बातचीत के बाद मृतकों की पहचान सुनिश्चित की।
मृतकों की पहचान
जान गंवाने वालों में मो. नूरुज्जमान सरदार मोयना (30), साजिदुर रहमान (28), साहन एहिया (25), मुजीबुर रहमान (38), तायक मिया, अबू फहीम, सोहनुर रहमान, शायेक अहमद, मो. नईम मिया, अमीनुर रहमान और मोहम्मद अली शामिल हैं।
मानव तस्करी का आरोप
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि मानव तस्करों ने युवकों को 12 से 15 लाख टका की राशि के बदले इटली पहुंचाने का झांसा दिया। पहले उन्हें लीबिया ले जाया गया और फिर अत्यधिक भीड़ भरी नावों में सवार कर समुद्र में छोड़ दिया गया। ग्रीक कोस्ट गार्ड ने 28 मार्च को 26 प्रवासियों को सुरक्षित बचाया।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इस घातक मानव तस्करी के लिए जिम्मेदार लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
No Comment! Be the first one.