News Saga Desk
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के साथ बंगाल के चुनाव परिणाम भी 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों और दलों का सबसे ज्यादा फोकस पश्चिम बंगाल पर है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल को भारतीय राजनीति का सबसे अहम चुनावी रण माना जा रहा है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में पहली बार सत्ता हासिल करने की कोशिश में है, तो दूसरी ओर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार चौथी बार सत्ता बचाने की चुनौती का सामना कर रही है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल सिर्फ एक राज्य का चुनाव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने वाला मुकाबला बन चुका है। राज्य में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 25 से 30 प्रतिशत मानी जाती है। ऐसे में राजनीतिक दलों ने ध्रुवीकरण की रणनीति पर भी जोर दिया है। माना जा रहा है कि बीजेपी को मुस्लिम वोट सीमित मात्रा में मिले होंगे, इसलिए पार्टी ने हिंदू वोटों के बड़े ध्रुवीकरण पर फोकस किया।
वहीं, विपक्षी दलों के लिए बंगाल एक “लास्ट फ्रंटियर” की तरह देखा जा रहा है। उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बीजेपी अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है, लेकिन बंगाल अब तक उसके लिए चुनौती बना हुआ है। इसी वजह से यह चुनाव बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है। दूसरी तरफ, विपक्ष मानता है कि अगर बीजेपी के बढ़ते प्रभाव को रोकना है, तो बंगाल में टीएमसी का सत्ता में बने रहना बेहद जरूरी है।
एग्जिट पोल में किसे बढ़त ?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल्स में BJP और TMC के बीच बेहद करीबी मुकाबले का संकेत मिला है। हालांकि अधिकांश एग्जिट पोल बीजेपी को मामूली बढ़त देते नजर आ रहे हैं।
प्रमुख एग्जिट पोल अनुमान
*Today’s Chanakya: BJP को 192 (±11) सीटों का अनुमान
*Matrize: BJP की बढ़त का दावा
*P-Marq: बीजेपी सरकार बनने की संभावना
*People’s Pulse: TMC को 177-187 सीटें
*Janmat: ममता बनर्जी की वापसी का अनुमान
*JVC Poll: 131-159 सीटों के बीच करीबी मुकाबला
*Poll of Polls: कांटे की टक्कर का संकेत
वहीं, Axis My India ने उच्च गैर-प्रतिक्रिया दर का हवाला देते हुए कोई अंतिम अनुमान जारी नहीं किया, जिससे चुनावी तस्वीर और दिलचस्प हो गई है।
क्या 15 साल बाद बदलेगी सत्ता?
ममता बनर्जी 2011 से लगातार बंगाल की सत्ता में हैं। यदि TMC एक बार फिर जीत दर्ज करती है, तो यह ममता की लगातार चौथी बड़ी जीत होगी। वहीं बीजेपी के लिए यह चुनाव बंगाल में राजनीतिक विस्तार का सबसे बड़ा अवसर माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर हैं, जो तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होगा या ममता बनर्जी का किला कायम रहेगा।
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