News Saga Desk
देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर एक अहम बयान सामने आया है। संजय सेठ ने कहा कि स्वदेशी हथियारों के निर्माण और उपयोग से भारत की सैन्य शक्ति लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को इसका ताजा और प्रभावी उदाहरण बताया, जिसने देश की रक्षा क्षमता को नई दिशा दी है।
संजय सेठ के अनुसार, पहले भारत को रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान के तहत देश में ही अत्याधुनिक हथियार बनाए जा रहे हैं। इससे न केवल सेना की ताकत बढ़ी है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में रोजगार और तकनीकी विकास को भी बढ़ावा मिला है।
उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान स्वदेशी तकनीक और हथियारों का सफल उपयोग यह साबित करता है कि भारत अब किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है। इस अभियान ने दुश्मनों को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
संजय सेठ ने यह भी जोर दिया कि सरकार रक्षा क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ा रही है और वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा सेना के समन्वय से देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने इसे “नए भारत की पहचान” बताया, जहां सुरक्षा, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता तीनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कुल मिलाकर, स्वदेशी हथियारों की बढ़ती ताकत भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है।
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