News Saga Desk
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों के लिए गश्ती अभियान के दौरान एक के बाद एक दो बड़े खतरे सामने आए। पहले जहां सीआरपीएफ जवानों पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया, वहीं कुछ ही दूरी पर नक्सलियों द्वारा लगाया गया आईईडी (IED) भी बरामद हुआ। राहत की बात यह रही कि समय रहते सतर्कता बरतने से जवान एक बड़े हादसे से बच गए।
जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ की 174 बटालियन के जवान सारंडा जंगल क्षेत्र में नियमित सर्च अभियान चला रहे थे। इसी दौरान जंगल के भीतर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने जवानों पर हमला कर दिया। हमले में जवान दिगंबर डे घायल हो गए। साथी जवानों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ओडिशा के बिसरा स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
घटना के बाद भी सुरक्षा बलों का अभियान जारी रहा। तलाशी के दौरान बरकेला कैंप से लगभग 4 किलोमीटर दूर एक पुलिया के पास संदिग्ध गतिविधि नजर आई। जांच करने पर वहां नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया आईईडी बरामद हुआ। सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए इलाके को घेर लिया और बम निरोधक दस्ते की मदद से विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, नक्सली सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जंगल और पुल-पुलियों के आसपास आईईडी लगाते रहते हैं। हाल के दिनों में सारंडा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सली संगठन दबाव में हैं, जिसके कारण वे ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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