दुमका में आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था ध्वस्त, 10 घंटे से ज्यादा ब्लैकआउट, पेयजल संकट गहराया

News Saga Desk

झारखंड की उपराजधानी दुमका में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने शहर समेत ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया। खराब मौसम के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर बिजली के पोल और तारों पर गिर गए, जिससे पूरे इलाके में लंबा ब्लैकआउट देखने को मिला। शहर के कई हिस्सों में 10 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही, जबकि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में 24 से 32 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की खबरें सामने आई हैं।

रातभर अंधेरे में डूबा दुमका

आंधी और तेज बारिश के कारण बिजली विभाग का नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के कई प्रमुख इलाकों में देर रात से ही बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अचानक हुए ब्लैकआउट से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घरों में अंधेरा छा गया और गर्मी व उमस के बीच लोग पूरी रात परेशान रहे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई जगहों पर बिजली के तार टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहा। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

पेयजल संकट ने बढ़ाई परेशानी

बिजली कटौती का असर शहरी पेयजलापूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ा। बिजली नहीं रहने के कारण पानी सप्लाई करने वाले मोटर और पंप बंद हो गए, जिससे सुबह लोगों को पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ा। कई मोहल्लों में लोग पानी भरने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि सुबह नल में पानी नहीं आने से दैनिक कार्य प्रभावित हो गए। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।

लखीकुंडी मोहल्ले में कार पर गिरा बिजली पोल

तेज तूफान के दौरान शहर के लखीकुंडी मोहल्ले में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां तेज हवा के कारण बिजली का पोल एक कार पर गिर पड़ा, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय कार के अंदर कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पोल और तारों को जल्द हटाने की मांग की।

केंद्रीय कारा में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित

दुमका केंद्रीय कारा परिसर के अंदर भी तेज आंधी के कारण पेड़ गिर गया, जिससे जेल परिसर की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। जेल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आवश्यक सेवाएं संचालित कीं, लेकिन रातभर बिजली बाधित रहने से परेशानी बनी रही।

ग्रामीण इलाकों में हालात और खराब

दुमका जिले के सरैयाहाट, शिकारीपाड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। कई गांवों में 24 से 32 घंटे तक बिजली नहीं रहने की सूचना है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार खराब मौसम के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली नहीं रहने से मोबाइल चार्जिंग, पानी की आपूर्ति और छोटे व्यवसायों पर भी असर पड़ा है। किसानों को भी सिंचाई कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मरम्मत कार्य में जुटी जेबीवीएनएल की टीम

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) की टीम युद्धस्तर पर बिजली बहाल करने के काम में जुटी हुई है। विभाग के कर्मचारियों द्वारा गिरे हुए पेड़ों को हटाने, टूटे तारों को बदलने और क्षतिग्रस्त पोलों की मरम्मत का काम लगातार किया जा रहा है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही आंधी और बारिश के कारण बहाली कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। मौसम सामान्य होते ही तेजी से बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासन ने जारी की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि टूटे बिजली तारों और क्षतिग्रस्त पोलों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत बिजली विभाग या प्रशासन को दें। साथ ही खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

वहीं बीजेपी नेत्री सीता सोरेन ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए ट्विटर पर ट्वीट किया और कहा कि दुमका झारखंड के उप राजधानी है और लगातार दुमका जिला के लोगों के द्वारा सूचना प्राप्त हो रही की 6 से 7 घंटा बिजली मिलती है कभी-कभी दो-तीन दिन बिजली नहीं रहती है दुमका बिजली उपभोक्ता काफी परेशान है, ऊर्जा सचिव के. श्रीनिवासन जी और JBVNL के अधिकारी समस्या का समाधान जल्द से जल्द करें।

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