News Saga Desk
रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार जेल) में एक महिला कैदी के कथित रूप से गर्भवती होने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद भाजपा लगातार राज्य सरकार पर हमलावर है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता Ajay Sah ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि देवघर में पदस्थापना के दौरान एक महिला शिक्षिका और एक होमगार्ड महिला ने भी उन पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके अलावा हजारीबाग जेल में कुख्यात अपराधी विकास तिवारी को संरक्षण देने और अन्य विवादों में भी उनका नाम सामने आया था।
अजय साह ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि महिला कैदी के साथ कोई गलत घटना नहीं हुई थी, तो 17 मई को गर्भावस्था जांच कराने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 अप्रैल को महिला के गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद पूरे मामले को दबाने और गुप्त रूप से गर्भपात कराने की कोशिश की गई।
भाजपा प्रवक्ता ने जेल महानिरीक्षक सुदर्शन मंडल पर भी मामले को दबाने और सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने इस घटना को “कस्टोडियल रेप” बताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर और जेल महानिरीक्षक सुदर्शन मंडल को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि रांची प्रशासन को समय पर घटना की जानकारी नहीं दी गई, जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। पार्टी ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने तथा राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और अल्पसंख्यक आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
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