News Saga Desk
भागलपुर:पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा परिचालन सुविधाओं के उन्नयन एवं रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। गोड्डा रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक कोचिंग (वाशिंग) डिपो का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जो क्षेत्र में रेलवे की परिचालन अवसंरचना को एक ऐतिहासिक मजबूती प्रदान करेगा। गोड्डा के पैरडीह में बन रहा यह वाशिंग डिपो साल 2026 के अंतिम महीनों तक पूरी तरह से बनकर तैयार होने की उम्मीद है।
वर्तमान में गोड्डा से खुलने वाली ट्रेनों के रखरखाव और सफाई के लिए रेलवे को अन्य बड़े डिवीजनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इस कोचिंग डिपो के चालू हो जाने से ट्रेनों का प्राथमिक और माध्यमिक रखरखाव गोड्डा में ही संभव हो सकेगा। इससे न केवल रेक की कमी की समस्या खत्म होगी, बल्कि गोड्डा स्टेशन से कई नई लंबी दूरी की एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों के परिचालन का रास्ता भी साफ होगा। यह अवसंरचनात्मक विकास रेलवे की तकनीकी क्षमता को कई गुना बढ़ा देगा, जिससे ट्रेनों के परिचालन में अधिक स्पष्टता और तेजी आएगी।
कोचिंग डिपो के साथ-साथ गोड्डा को ‘अमृत स्टेशन योजना’ के तहत एक विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसकी प्रगति का जायजा रेलवे के जीएम और अन्य उच्चाधिकारी लगातार ले रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, स्थानीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) से गोड्डा-महगामा नई रेल लाइन और ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। कुल मिलाकर, 2026 के अंत तक वाशिंग पिट के निर्माण और स्टेशन अवसंरचना के विस्तार से गोड्डा संथाल परगना का एक प्रमुख ट्रेन ऑपरेशन्स हब बन जाएगा। यह विकास न केवल यात्रियों को महानगरों जैसी आधुनिक सुविधाएं देगा, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाएगा।
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