NEWS SAGA DESK
पलामू में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी बहाली लिखित परीक्षा से कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।

पलामू में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी बहाली को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। जिले में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों यानी फोर्थ ग्रेड के पदों पर नियुक्ति मैट्रिक के अंकों के आधार पर करने के बजाय लिखित परीक्षा के माध्यम से कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में केवल मैट्रिक के अंकों को आधार न बनाया जाए। इसके बजाय अभ्यर्थियों के चयन के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की जाए। इसके साथ ही परीक्षा का सिलेबस और परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करने की मांग भी की गई है।
लिखित परीक्षा से नियुक्ति की मांग
आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी बहाली को लिखित परीक्षा के आधार पर कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि लिखित परीक्षा के जरिए अभ्यर्थियों को अपनी योग्यता साबित करने का समान अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनके अनुसार, पिछले 16 महीनों से लगातार सरकार और प्रशासन के स्तर पर अपनी मांगों को रखने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि छात्र हित में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट फैसला लेना जरूरी है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द परीक्षा का सिलेबस जारी करे और परीक्षा की तारीख घोषित करे, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं को आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता मिल सके।
मुख्यमंत्री और अधिकारियों से भी लगाई गुहार
आंदोलनकारियों के मुताबिक, उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई स्तरों पर अधिकारियों और सरकार के प्रतिनिधियों से संपर्क किया है। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, कार्मिक सचिव और वित्त मंत्री सहित कई उच्च अधिकारियों के समक्ष भी अभ्यर्थियों ने अपनी समस्या रखी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार प्रयास और आवेदन के बावजूद उनकी मांग पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से अब उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रास्ता चुना है।
उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को चयन प्रक्रिया में समान और पारदर्शी अवसर दिलाने से भी जुड़ा हुआ है।
इसे भी देखें:-JPSC JSSC रिफार्म की मांग पर अड़े छात्र, जारी है प्रदर्शन | Ranchi
छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि मांगों को लेकर बार-बार रांची और दिल्ली जाने के बजाय अब पलामू को ही आंदोलन का केंद्र बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पलामू को ही जंतर-मंतर बनाकर अभ्यर्थी अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक लिखित परीक्षा से चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी बहाली कराने की मांग स्वीकार नहीं की जाती, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।
No Comment! Be the first one.