बिहार मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले दिन पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुए हंगामे को लेकर रेल IG अमरेश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। 500 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज, 6 गिरफ्तार। जानिए पूरा मामला, स्पेशल ट्रेन विवाद और प्रशासन का पक्ष।
News Saga Desk
बिहार में मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले दिन पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुए हंगामे को लेकर रेलवे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बड़ा खुलासा किया है। रेल IG अमरेश कुमार ने दावा किया है कि स्टेशन पर पहुंचे 200 से 300 छात्रों का उद्देश्य परीक्षा केंद्र तक पहुंचना नहीं बल्कि माहौल बिगाड़ना और रेलवे संचालन को बाधित करना था। इस मामले में अब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 6 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
यह घटना भर्ती परीक्षा के पहले दिन सामने आई, जब बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने-अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। लेकिन कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई और रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन शुरू हो गया, जिसके कारण कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ।
पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर क्यों हुआ हंगामा?
रेल IG अमरेश कुमार के अनुसार रेलवे प्रशासन ने पहले से ही अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था की थी। उन्होंने बताया कि मधुबनी एक्सप्रेस और सीमांचल एक्सप्रेस स्टेशन पर उपलब्ध थीं, जिनका उपयोग दरभंगा और मधुबनी क्षेत्र के अभ्यर्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए किया जाना था।
अधिकारी के मुताबिक बड़ी संख्या में छात्र इन ट्रेनों में सवार भी हो चुके थे। इसी दौरान लगभग 200 से 300 छात्रों का एक समूह स्टेशन पहुंचा और रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उनके लिए अलग से स्पेशल ट्रेन चलाई जाए।
स्पेशल ट्रेन की मांग पर अड़े रहे अभ्यर्थी
रेलवे प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की मांग को गंभीरता से लिया और उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा। इसके बाद घोषणा की गई कि एक घंटे के भीतर स्पेशल ट्रेन उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन के अनुसार रात करीब 2:10 बजे स्पेशल ट्रेन स्टेशन पर पहुंच भी गई।
हालांकि इसके बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। रेल IG ने बताया कि कुछ लोग ट्रेन के सामने बैठ गए और उसके संचालन में बाधा डालने लगे। अधिकारियों ने लगातार बातचीत कर छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
DGP के निर्देश के बाद भी नहीं माने प्रदर्शनकारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में बिहार के DGP से भी बातचीत की गई। रेल IG के अनुसार DGP ने निर्देश दिया था कि छात्रों को भरोसा दिलाया जाए कि यदि किसी अभ्यर्थी की परीक्षा ट्रेन विलंब के कारण छूट जाती है, तो उसके लिए अलग से परीक्षा आयोजित करने पर विचार किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को यह भी आश्वस्त किया कि उपलब्ध ट्रेनें उन्हें समय पर परीक्षा केंद्र वाले क्षेत्रों तक पहुंचा देंगी। इसके बावजूद प्रदर्शन कर रहे लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे और ट्रैक खाली करने को तैयार नहीं हुए।
प्रशासन ने लगाया परीक्षा बाधित करने का आरोप
रेल IG अमरेश कुमार ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी किसी समाधान की तलाश में नहीं थे बल्कि उनका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करना और रेलवे संचालन को बाधित करना था। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने बार-बार बातचीत और समझाइश का प्रयास किया, लेकिन कुछ लोग किसी भी परिस्थिति में प्रदर्शन समाप्त करने के लिए तैयार नहीं थे।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी, जिससे हजारों यात्रियों और अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता।
लाठीचार्ज और टियर गैस के बाद स्थिति हुई नियंत्रित
जब प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक खाली करने से इनकार कर दिया, तब पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रशासन के अनुसार भीड़ को हटाने के लिए सीमित बल प्रयोग किया गया।
पुलिस ने लाठीचार्ज किया और टियर गैस के गोले भी छोड़े, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को ट्रैक से हटाया गया। कार्रवाई के बाद रेलवे ट्रैक खाली कराया गया और प्रभावित ट्रेनों का संचालन धीरे-धीरे सामान्य किया गया।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
500 अज्ञात पर FIR, 6 गिरफ्तार
रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा पर नहीं पड़ा कोई बड़ा असर
प्रशासन का दावा है कि हंगामे के बावजूद परीक्षा व्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। रेलवे और जिला प्रशासन ने मिलकर अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की। हालांकि भर्ती परीक्षा के पहले दिन हुए इस घटनाक्रम ने रेलवे प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और परीक्षा संबंधी तैयारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब इस पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि प्रदर्शन अचानक हुआ या इसके पीछे किसी तरह की पूर्व योजना थी। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर और भी कार्रवाई हो सकती है।
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