News Saga Desk
नई दिल्ली:दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान लोगों से अपील करते हुए कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से नदियों को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग को अपनी आदतों और व्यवहार में बड़ा बदलाव लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नदियां हमारी संस्कृति, आस्था और पर्यावरण की धरोहर हैं, इसलिए उनकी स्वच्छता और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आयोजित यमुना रिवरफ्रंट क्लीननेस अभियान में मुख्यमंत्री स्वयं शामिल हुईं और विभिन्न घाटों पर चल रहे सफाई कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोग अक्सर पूजा सामग्री, प्लास्टिक, कचरा और अन्य अपशिष्ट नदियों में फेंक देते हैं, जिससे जल प्रदूषण बढ़ता है और नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित होता है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे नदी किनारों को स्वच्छ रखें और पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ यमुना का सपना तभी साकार होगा जब जनभागीदारी को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान में 500 से अधिक सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं के साथ हजारों स्वयंसेवक शामिल हुए हैं। सरकार का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों में नदी संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और स्वस्थ पर्यावरण देने के लिए अभी से ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि वे नदियों को प्रदूषित नहीं करेंगे और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
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