Jharkhand Liquor Scam: पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव से ED की पूछताछ जारी, जांच में तेजी

Jharkhand Liquor Scam की जांच में ED ने रोहित उरांव से पूछताछ शुरू की है। पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव को भी तलब किया गया है। मामले में जांच तेज हो गई है।

News Saga Desk

झारखंड के चर्चित Jharkhand Liquor Scam मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में राज्य के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के पुत्र रोहित उरांव सोमवार को रांची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी कथित शराब घोटाले से जुड़े आर्थिक लेन-देन और अन्य तथ्यों को लेकर उनसे जानकारी जुटा रही है।

यह मामला झारखंड के बहुचर्चित Jharkhand Liquor Scam से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच पिछले कई महीनों से ईडी कर रही है। एजेंसी का फोकस कथित वित्तीय अनियमितताओं, कारोबारी नेटवर्क और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच पर है।

ED कार्यालय पहुंचे रोहित उरांव

सोमवार को निर्धारित समय पर रोहित उरांव रांची के हिनू स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनसे पूछताछ शुरू की। सूत्रों के अनुसार, Jharkhand Liquor Scam जांच के दौरान अब तक जुटाए गए दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे जा रहे हैं।

ईडी यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित शराब घोटाले से जुड़े आर्थिक लेन-देन या अन्य गतिविधियों के संबंध में उन्हें कोई जानकारी थी या नहीं। फिलहाल एजेंसी आधिकारिक तौर पर पूछताछ के विषयों का खुलासा नहीं कर रही है।

दूसरे समन के बाद हुई पेशी

Jharkhand Liquor Scam मामले में ईडी ने रोहित उरांव को दूसरा समन जारी किया था। इससे पहले उन्हें 29 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय की मांग की थी।

ईडी ने उनके अनुरोध पर विचार करने के बाद केवल एक सप्ताह की मोहलत दी और नया समन जारी करते हुए छह जुलाई को उपस्थित होने का निर्देश दिया। निर्धारित तिथि पर उनके ईडी कार्यालय पहुंचने के बाद पूछताछ प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

रामेश्वर उरांव को भी किया गया तलब

इस मामले में पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव को भी ईडी ने नोटिस जारी किया है। Jharkhand Liquor Scam जांच के तहत उन्हें सात जुलाई को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

Jharkhand Liquor Scam

इससे पहले उन्हें 30 जून को बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने भी व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए तीन सप्ताह का समय मांगा था। हालांकि एजेंसी ने सीमित समय देते हुए नई तिथि निर्धारित की।

मंगलवार को उनकी प्रस्तावित पेशी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावना है कि ईडी उनसे भी वित्तीय लेन-देन और अन्य संबंधित पहलुओं पर सवाल कर सकती है।

क्या है झारखंड शराब घोटाला मामला?

Jharkhand Liquor Scam राज्य के सबसे चर्चित मामलों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में शराब कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

ईडी की जांच विशेष रूप से कारोबारी योगेंद्र तिवारी और उससे जुड़े नेटवर्क पर केंद्रित बताई जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं से किसे लाभ हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

हालांकि जांच अभी जारी है और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष या आरोप तय नहीं किए गए हैं। एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

वित्तीय दस्तावेजों की हो रही जांच

सूत्रों के मुताबिक Jharkhand Liquor Scam की जांच में बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जा रही है।

ईडी का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कथित आर्थिक गतिविधियों और निर्णय प्रक्रिया में किन व्यक्तियों की क्या भूमिका रही। इसी क्रम में विभिन्न व्यक्तियों को समन जारी कर पूछताछ की जा रही है।

इसे भी देख- वायरल वीडियो में ऐप से रुका ई-रिक्शा! क्या सच में संभव है ऐसा?

जांच के अगले चरण पर नजर

रोहित उरांव से जारी पूछताछ और रामेश्वर उरांव की प्रस्तावित पेशी को इस मामले की जांच में अहम माना जा रहा है। Jharkhand Liquor Scam की जांच जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, उस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की भी नजर बनी हुई है।

फिलहाल ईडी साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ से प्राप्त जानकारी का विश्लेषण कर रही है। एजेंसी का कहना है कि आगे की कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों और जांच में सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

Read More News

Read More