Maiya Samman Yojana Update: 1 लाख महिलाओं के नाम कटे, कहीं आपका भी नाम तो नहीं?

Maiya Samman Yojana Update सामने आया है। सत्यापन अभियान के दौरान 1 लाख से अधिक महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटाए गए हैं। जानिए पात्रता नियम, नाम कटने की वजह और योजना से जुड़ी पूरी जानकारी।

News Saga Desk

रांची: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) से जुड़ी महिलाओं के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे व्यापक सत्यापन अभियान के दौरान अब तक करीब 1 लाख महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटाए जा चुके हैं। अधिकारियों का मानना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना के लाभार्थियों की कुल संख्या 50 लाख से भी कम रह सकती है।

सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई केवल उन महिलाओं की पहचान करने के लिए की जा रही है जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करती हैं। इसका उद्देश्य योजना का लाभ केवल वास्तविक और योग्य लाभुकों तक पहुंचाना है।

Maiya Samman Yojana Update

क्या है मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना?

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 6 जनवरी 2025 को योजना की पहली किस्त जारी करते हुए 56.61 लाख महिलाओं के बैंक खातों में लगभग 1,415 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे।

यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

क्यों कट रहे हैं महिलाओं के नाम?

सरकार द्वारा चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में लाभार्थियों के दस्तावेज, आय, उम्र और अन्य पात्रता मानकों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां लाभार्थी योजना की निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे।

विशेष रूप से 50 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं, गलत जानकारी देने वाले आवेदकों और पात्रता से बाहर आने वाले परिवारों की पहचान की जा रही है। ऐसे मामलों में लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन अभियान आगे बढ़ने के साथ हटाए जाने वाले नामों की संख्या और बढ़ सकती है।

लाभार्थियों की संख्या में लगातार गिरावट

योजना की शुरुआत में जहां 56.61 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिला था, वहीं रिकॉर्ड सत्यापन और पात्रता जांच के बाद अक्टूबर 2025 तक यह संख्या घटकर लगभग 51 लाख रह गई थी।

अब नए सत्यापन अभियान के बाद लाभार्थियों की संख्या 50 लाख से नीचे जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम आंकड़ा सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

कौन महिलाएं हैं योजना के लिए पात्र?

सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार मंईयां सम्मान योजना का लाभ पाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी आवश्यक हैं:

  • महिला झारखंड की स्थायी निवासी हो।
  • वैध राशन कार्ड होना जरूरी है।
  • आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
  • बैंक खाता DBT (Direct Benefit Transfer) के लिए सक्रिय हो।
  • परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं हो।
  • पीला, गुलाबी, हरा या सफेद राशन कार्ड मान्य है।

कौन नहीं उठा सकते योजना का लाभ?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि निम्न श्रेणी की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं मानी जाएंगी:

  • केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारियों के परिवार की महिलाएं।
  • आयकरदाता परिवारों की महिलाएं।
  • किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ ले रही महिलाएं।
  • पात्रता मानकों को पूरा नहीं करने वाली महिलाएं।

अभी नहीं जोड़े जा रहे नए लाभार्थी

महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन महिलाओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, उनकी जगह फिलहाल नए लाभार्थियों को शामिल नहीं किया जा रहा है। राज्य के किसी भी जिले ने अभी तक अपनी अंतिम सत्यापन रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी है।

सरकार का कहना है कि सत्यापन अभियान पूरा होने के बाद अंतिम लाभार्थी सूची जारी की जाएगी। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।

सरकार का क्या है उद्देश्य?

राज्य सरकार का दावा है कि इस सत्यापन अभियान का उद्देश्य किसी पात्र महिला को योजना से वंचित करना नहीं, बल्कि अपात्र लाभार्थियों को हटाकर योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इससे सरकारी सहायता वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंच सकेगी।

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