बीएसएल CSR पहल के तहत बोकारो प्राइवेट आईटीआई में स्थानीय और विस्थापित युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार और आधुनिक कौशल विकास के नए अवसर मिल रहे हैं।
बोकारो। बीएसएल CSR पहल के तहत बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) स्थानीय समुदाय, विशेषकर विस्थापित परिवारों और युवाओं के शिक्षा एवं कौशल विकास को नई दिशा देने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। बोकारो प्राइवेट आईटीआई के माध्यम से तकनीकी शिक्षा, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और औद्योगिक अनुभव उपलब्ध कराकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बीएसएल CSR पहल का उद्देश्य केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी है।

बीएसएल CSR पहल के तहत शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस
बोकारो इस्पात संयंत्र द्वारा निगमित सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों में शिक्षा और तकनीकी कौशल विकास को प्राथमिकता दी गई है। बोकारो इस्पात शैक्षणिक न्यास के माध्यम से संचालित बोकारो प्राइवेट आईटीआई स्थानीय युवाओं को आधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है।
संयंत्र का मानना है कि तकनीकी रूप से दक्ष युवा ही भविष्य के औद्योगिक विकास की मजबूत नींव बन सकते हैं। इसी सोच के साथ बीएसएल CSR पहल के तहत विभिन्न ट्रेडों में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विस्थापित परिवारों को विशेष प्राथमिकता
बोकारो प्राइवेट आईटीआई की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां कुल सीटों का 40 प्रतिशत हिस्सा विस्थापित परिवारों के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रखा गया है। इतना ही नहीं, इस श्रेणी के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
यह व्यवस्था उन परिवारों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिन्होंने औद्योगिक विकास के दौरान अपनी भूमि और आजीविका का योगदान दिया है।

आधुनिक ट्रेडों में दिया जा रहा प्रशिक्षण
वर्तमान में संस्थान में इलेक्ट्रीशियन, फिटर और वेल्डर जैसे प्रमुख औद्योगिक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बदलती औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए संस्थान जल्द ही कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA), डीजल मैकेनिक तथा फायर टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी मैनेजमेंट जैसे नए ट्रेड भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे उनके रोजगार के अवसर और अधिक बढ़ेंगे।
2100 से अधिक विद्यार्थी हो चुके हैं लाभान्वित
संस्थान की स्थापना के बाद से अब तक 2149 विद्यार्थियों ने यहां प्रवेश लिया है। ये विद्यार्थी क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (CTS) और क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम-ड्यूल के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवधि में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवाओं ने विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में रोजगार प्राप्त किया है, जिससे यह पहल स्थानीय विकास का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है।
कैंपस प्लेसमेंट से मिल रहे रोजगार के अवसर
बीएसएल CSR पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कैंपस रिक्रूटमेंट और प्लेसमेंट ड्राइव भी है। इन कार्यक्रमों में देश की प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम कंपनियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियां भी भाग ले रही हैं।
होंडा मोटरसाइकिल, स्पार्क मिंडा, एक्साइड और टीवीएस जैसी कंपनियां प्रशिक्षित युवाओं का चयन कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। इससे ग्रामीण और स्थानीय युवाओं को बिना बड़े शहरों का रुख किए रोजगार मिलने की संभावना बढ़ी है।
ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग से बढ़ रही दक्षता
बोकारो प्राइवेट आईटीआई की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह है कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को बोकारो स्टील प्लांट के विभिन्न विभागों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग भी दी जाती है।
कार्यस्थल पर वास्तविक औद्योगिक माहौल में प्रशिक्षण मिलने से छात्रों को मशीनों, उत्पादन प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों की व्यावहारिक जानकारी मिलती है। यही कारण है कि बोकारो आईटीआई राज्य के अन्य आईटीआई संस्थानों से अलग पहचान बना चुका है।
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समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
बीएसएल का मानना है कि औद्योगिक विकास तभी सार्थक होगा जब स्थानीय समुदाय भी उसके लाभ से जुड़ सके। इसी उद्देश्य से बीएसएल CSR पहल के माध्यम से शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार और सामाजिक सशक्तीकरण पर लगातार निवेश किया जा रहा है।
स्थानीय युवाओं को उद्योगों के अनुरूप तैयार करने से न केवल उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। आने वाले समय में नए ट्रेडों की शुरुआत और रोजगारोन्मुख कार्यक्रमों के विस्तार से इस पहल का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है।
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