योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शुरू की
वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शुरू की। 1.10 करोड़ छात्रों के अभिभावकों को डीबीटी से धनराशि हस्तांतरित की गई।
CBSE Compartment Exam 2026: 28 जुलाई को होगी परीक्षा, 8 जुलाई तक आवेदन का मौका, जानें पूरी प्रक्रिया
CBSE Compartment Exam 2026 के लिए आवेदन 8 जुलाई तक करें। 28 जुलाई को परीक्षा होगी। जानें पात्रता, फीस, आवेदन प्रक्रिया, LOC और जरूरी निर्देश।
नीट यूजी री-एग्जाम पर बड़ा अपडेट, वायरल पेपर लीक वीडियो को NTA ने बताया झूठा..
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे NEET UG 2026 पेपर लीक के वीडियो को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि पुनर्परीक्षा देशभर में कड़ी सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। NTA के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक की पुष्टि नहीं हुई है। एजेंसी ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही, फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ हो रही कार्रवाई एनटीए ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद से फर्जी वीडियो तैयार करने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एजेंसी ने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से केवल आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया खातों पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की। एजेंसी ने कहा कि उसके 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया के हकदार हैं। 20 लाख से अधिक परीक्षार्थी हुए शामिल रविवार को आयोजित पुनर्परीक्षा में देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेश के 14 केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा 13 भाषाओं, जिनमें हिंदी और अंग्रेजी भी शामिल हैं, में आयोजित की गई। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि पूरे सरकारी तंत्र के समन्वित प्रयासों से महज 37 दिनों के रिकॉर्ड समय में इतनी बड़ी परीक्षा आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि यह केवल एनटीए का नहीं, बल्कि पूरे “टीम भारत” का प्रयास था, जिसमें पुलिस, पर्यवेक्षक, परीक्षा कर्मचारी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों सहित लगभग सात लाख अधिकारियों ने योगदान दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली के ओखला स्थित एनटीए मुख्यालय पहुंचकर पुनर्परीक्षा की तैयारियों और संचालन की समीक्षा की। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंत्री को परीक्षा के पारदर्शी और सुचारु संचालन के लिए किए गए तकनीकी और प्रशासनिक इंतजामों की जानकारी दी गई। एनटीए ने बताया कि 10,000 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों सहित सभी परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। इसके अलावा लगभग 81 गंभीर चिकित्सीय परिस्थितियों वाले अभ्यर्थियों, जिनमें सड़क दुर्घटना का शिकार एक बच्चा और कीमोथेरेपी करा रहा एक अभ्यर्थी भी शामिल था, के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। केंद्रों पर किए गए थे खास सुरक्षा इंतजाम परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन, CCTV निगरानी, जैमर, दो-स्तरीय तलाशी और राज्य पुलिस की सहायता से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। CCTV निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के अलावा 34 केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों, सभी राज्यों और जिला कलेक्टर कार्यालयों में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए। महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि कुछ स्थानों पर गलत प्रवेश पत्र, फर्जी एडमिट कार्ड और प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) के मामले सामने आए। कुछ परीक्षार्थियों द्वारा मोबाइल फोन ले जाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कारण ऐसे प्रयास सफल नहीं हो सके और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पेपर लीक मामले की जांच जारी NEET UG पेपर लीक मामले की जांच अभी भी जारी है। इस बीच NTA ने स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर वायरल कथित पेपर लीक वीडियो को फर्जी बताया है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
“सुपर अल नीनो” सबसे शक्तिशाली और सबसे अधिक उथल-पुथल मचाने वाली जलवायु घटनाओं…
वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन, नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन या ब्यूरो ऑफ़ मेटियोरोलॉजी जैसी बड़ी क्लाइमेट एजेंसियों ने “2026 सुपर अल नीनो” के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा की है। ध्यान रखने योग्य कुछ बातें: अल नीनो एक प्राकृतिक क्लाइमेट पैटर्न है जिसमें मध्य और पूर्वी ट्रॉपिकल प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से गर्म हो जाता है।“सुपर अल नीनो” शब्द अनौपचारिक है और आमतौर पर बहुत ज़्यादाज़ोरदार घटनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जैसे कि 1982–83, 1997–98 और 2015–16 में हुई थीं।अल नीनो की घटना हो रही है या नहीं, यह समुद्र के तापमान में लगातार बदलाव, वायुमंडलीय स्थितियों और आधिकारिक मॉनिटरिंग इंडेक्स (जैसे नीनो 3.4 क्षेत्र) पर निर्भर करता है।यह दावा कि 2026 की घटना “अब तक की सबसे मज़बूत और सबसे ज़्यादा असर डालने वाली घटनाओं में से एक होगी”, इसके लिए आधिकारिक क्लाइमेट मॉनिटरिंग एजेंसियों और मौजूदा ऑब्ज़र्वेशनल डेटा से पुष्टि की ज़रूरत होगी। अगर आप इस विषय पर कोई न्यूज़ आर्टिकल, वीडियो स्क्रिप्ट या सोशल पोस्ट लिख रहे हैं, तो मेरा सुझाव है कि इसे तथ्य के तौर पर पेश करने से पहले आधिकारिक क्लाइमेट एजेंसियों से ताज़ा स्थिति की पुष्टि कर लें। आपके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द किसी स्थापित वैज्ञानिक निष्कर्ष के बजाय एक नाटकीय भविष्यवाणी जैसे लग रहे हैं।
“UGC-NET JUNE 2026” का आयोजन आयोजन राँची के 06 उप केन्द्रों पर किया जाना है।
श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया यह निषेधाज्ञा दिनांक-22.06.2026 से दिनांक 30.06.2026 के प्रातः 06.00 बजे से अपराह्न 09.00 बजे तक प्रभावी रहेगा महानिदेशक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के पत्रांक-E-/001/EXAM-I/UGC NET JUNE/2026-ΝΤΑ, से प्राप्त सूचनानुसार “UGC-NET JUNE 2026” का आयोजन आयोजन राँची के 06 उप केन्द्रों पर किया जाना है। इन परीक्षा केन्द्रों पर कदाचारमुक्त वातावरण में परीक्षा का आयोजन कराने एवं विधि-व्यवस्था संधारण हेतु उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा में संलग्न छात्र, उनके अभिभावक अथवा असामाजिक तत्व परीक्षा केन्द्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं, जिसको लेकर श्री कुमार राजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया [17:19, 17/6/2026] +91 96936 03944: यह निषेधाज्ञा दिनांक-22.06.2026 से दिनांक 30.06.2026 के प्रातः 06.00 बजे से अपराह्न 09.00 बजे तक प्रभावी रहेगा। परीक्षा केन्द्र का नामः (1) RAM TAHAL CHOUDHARY INSTITUTE OF TECHNOLOGY, ANANDI ORMANJHI BLOCK CHOWK, RANCHI (2) OXFORD PUBLIC SCHOOL, RANCHI,OLD HB ROAD, PRAGATI PATH, RANCHI (3) ION DIGITAL ZONE, (IDZ) TUPUDANA, THREE EYE TECH 52 P 53 TUPUDANA INDUSTRIAL AREA, NEAR PREMSONS MOTOR, TUPUDANA, RANCHI (4) ARUNUMA TECHNICAL, SERVICES PVT.LTD, PRAGATI PATH, ROAD NO.6 SAMLONG. LOWER CHUTIA, NEAR GANESH NURSING HOME, RANCHI. (5) ICUBE DIGITAL, NEAR MEDANTA HOSPITAL, CAFETERIA BUILDING, IRBA RANCHI. (6) FUTURE BRIGHT, DEEP VIHAR, PUNDAG ROAD, ARGORA, RANCHI LANDMARK: NEAR PEARL CREST APARTMENT, RANCHI आरएसएस प्रांत कार्यालय पर बमबारी की घटना अत्यंत गंभीर, एनआईए से जांच कराई जाए – संजय सेठ संघ कार्यालय पर हमला चिंतनीय, सुरक्षा सुनिश्चित कर, दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। रांची। रक्षा राज्य मंत्री सह रांची सांसद श्री संजय सेठ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झारखंड प्रांत मुख्यालय, रांची पर देर रात हुई बमबारी की घटना को सुनियोजित साजिश करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक संगठन पर हमला नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को चुनौती देने का गंभीर प्रयास है। श्री सेठ ने कहा कि ईश्वर की कृपा रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस प्रकार की घटना अत्यंत चिंताजनक है। सीसीटीवी फुटेज में पूरी वारदात स्पष्ट दिखाई दे रही है, जिससे अपराधियों की पहचान कर उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने पुलिस महानिदेशक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर 24 घंटे के भीतर अपराधियों की गिरफ्तारी एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही संघ कार्यालय की सुरक्षा तत्काल सुदृढ़ करने को भी कहा है। श्री सेठ ने इस पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह घटना किसी बड़े षड्यंत्र और संगठित आपराधिक अथवा राष्ट्रविरोधी गतिविधि का हिस्सा प्रतीत होती है। इसलिए इसकी निष्पक्ष, गहन एवं समयबद्ध जांच एनआईए से कराई जानी चाहिए, ताकि घटना के पीछे शामिल सभी साजिशकर्ताओं और उनके नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था तत्काल लागू की जाए।
TET प्रकरण पर RTE एक्ट में संशोधन की मांग, केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव
शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़े प्रकरण को लेकर आरटीई एक्ट में संशोधन की मांग उठी है। संबंधित पक्षों ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि शिक्षकों की नियुक्ति और पात्रता से जुड़े विवादों के समाधान के लिए कानून में आवश्यक बदलाव किए जाएं। इस मुद्दे को लेकर शिक्षा जगत में चर्चा तेज हो गई है और प्रभावित अभ्यर्थी भी संशोधन की मांग का समर्थन कर रहे हैं। इस आदेश से झारखंड के लगभग 25 हजार शिक्षकों में असंतोष है। शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संसद की शक्तियों से परे करार देते आपत्ति जताई है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की रविवार देर शाम हुई राज्य कार्यकारिणी की वर्चुअल मीटिंग में इस विषय पर गंभीर चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में राष्ट्र स्तर पर केंद्र सरकार के समक्ष यह मांग की जाएगी कि आगामी मानसून सत्र में सरकार आरटीई एक्ट में संशोधन करें। एनसीटीई के 2010 की अधिसूचना के सभी प्रावधानों को आरटीई एक्ट में अंकित करें, ताकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्पन्न राष्ट्रीय शिक्षक असंतोष का समाधान हो सके। साथ ही, संसद की शक्तियों से निर्गत एनसीटीई की 2010 की अधिसूचना सर्वव्यापी हो सके। इसके लिए अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ और टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया जल्द ही भारत सरकार के मंत्रियों को निवेदन पत्र सौंपेगा। इसके साथ ही न्यायिक संघर्ष में सुप्रीम कोर्ट में एक क्यूरेटिव पिटीशन दायर करने पर भी सहमति बनी। इधर, सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायादेश के अनुपालन के नाम पर राज्य के लगभग 25 हजार शिक्षकों को सामान्य झारखंड टेट की परीक्षा में शामिल कराने की विभागीय तैयारी का अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने विरोध किया है।
“विकसित भारत @2047” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी अनुसंधान
माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने आज लोक भवन, राँची में आईआईटी (आईएसएम), धनबाद द्वारा आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के अंतर्गत आईआईटी इंदौर से आए विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता है और ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश की सांस्कृतिक समृद्धि को निकट से जानने और अनुभव करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि झारखण्ड प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं तथा वीर स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवशाली विरासत की भूमि है। उन्हें विश्वास व्यक्त किया कि झारखण्ड का अनुभव तथा यहाँ के लोगों का आत्मीय स्नेह विद्यार्थियों के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।राज्यपाल महोदय ने कहा कि वर्तमान युग ज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी का युग है तथा युवाशक्ति ही राष्ट्रशक्ति है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सोच, संकल्प और नवाचार की क्षमता की महत्वपूर्ण भूमिका है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश “विकसित भारत @2047” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी अनुसंधान, नवाचार तथा बहुआयामी शिक्षा को प्रोत्साहित करती है।माननीय राज्यपाल ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि केवल उत्कृष्ट करियर बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील, उत्तरदायी और नैतिक नागरिक बनना भी उतना ही आवश्यक है। ज्ञान का वास्तविक उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण में योगदान देना है। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द जी के विचारों का उल्लेख करते हुए युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा अपनी प्रतिभा एवं ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता के हित में करने का आह्वान किया।राज्यपाल महोदय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘युवा संगम’ का यह अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को और समृद्ध करेगा तथा वे झारखण्ड की संस्कृति, यहाँ के लोगों के स्नेह और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का संदेश अपने साथ लेकर लौटेंगे।इस अवसर पर माननीय राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ० नितिन कुलकर्णी, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद एवं आईआईटी इंदौर के शिक्षकगण, अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
बीआईटी मेसरा ने खत्म किया झारखंड कोटा, इस सत्र में राज्य के छात्रों की सीटें गायब
झारखंड के छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक बीआईटी मेसरा में इस बार दाखिले को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है।
NEET UG 2026 Paper Leak: सुप्रीम कोर्ट की NTA को फटकार, केंद्र और CBI से मांगा जवाब
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NTA पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने केंद्र सरकार, NTA और CBI से जवाब मांगा और सुधारों पर हलफनामा दाखिल करने को कहा।
क्लस्टरिंग सिस्टम के विरोध में आजसू छात्र संघ का प्रदर्शन, रांची में सरकार का फूंका पुतला
राजधानी रांची में बुधवार को AJSU के छात्र संगठन ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू किए जा रहे क्लस्टरिंग