बीआईटी मेसरा स्थापना दिवस: राज्यपाल ने नवाचार और AI पर दिया जोर

NEWS SAGA DESK

बीआईटी मेसरा स्थापना दिवस पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने AI, स्टार्टअप, नवाचार और विकसित भारत 2047 पर जोर देते हुए युवाओं को जॉब क्रिएटर बनने का संदेश दिया।

बीआईटी मेसरा स्थापना दिवस समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तकनीकी शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान को भारत के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। बुधवार को आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का स्थापना दिवस केवल उसकी स्थापना का स्मरण नहीं होता, बल्कि उसकी उपलब्धियों, गौरवशाली यात्रा और भविष्य के संकल्पों का उत्सव भी होता है। उन्होंने कहा कि बीआईटी मेसरा ने सात दशकों से अधिक समय में देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में अपनी अलग पहचान बनाई है।

राज्यपाल ने संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं देश और विदेश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, अनुसंधान संगठनों और प्रौद्योगिकी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं तथा भारत की प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर मजबूत कर रहे हैं।

बीआईटी मेसरा स्थापना दिवस

तकनीकी संस्थानों को नवाचार का केंद्र बनने की जरूरत

बीआईटी मेसरा स्थापना दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि दुनिया तेजी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, हरित ऊर्जा और डिजिटल तकनीक की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में तकनीकी संस्थानों की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं रह सकती।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, उद्यमिता और समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने वाले केंद्र के रूप में काम करना होगा। इससे युवा नई तकनीकों का उपयोग करने के साथ उनका विकास भी कर सकेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना पर दिया जोर

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक बहुविषयक, कौशल आधारित और नवाचार केंद्रित बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि बीआईटी मेसरा स्थापना दिवस केवल परंपरा का प्रतीक नहीं है, बल्कि संस्थान भविष्य में उद्योग-अकादमिक सहयोग, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और अनुसंधान के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि युवाओं को रोजगार देने वाला उद्यमी और “जॉब क्रिएटर” बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

विकसित भारत 2047 में युवाओं की अहम भूमिका

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत-2047, आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और इंडिया एआई मिशन जैसी राष्ट्रीय पहलें देश को नई दिशा दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को केवल नई तकनीकों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनका सृजनकर्ता और वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनना होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने में बीआईटी मेसरा जैसे तकनीकी संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

झारखंड की जरूरतों के अनुरूप हो अनुसंधान

बीआईटी मेसरा स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने झारखंड की प्राकृतिक और खनिज संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में खनन, इस्पात, ऊर्जा, कृषि, वन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान की व्यापक संभावनाएं हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि संस्थान अपनी वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता का उपयोग स्थानीय समस्याओं के समाधान विकसित करने में करेगा, जिससे राज्य के विकास को नई गति मिल सके।

पृष्ठभूमि

बीआईटी मेसरा देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में गिना जाता है और सात दशक से अधिक समय से इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे रहा है। संस्थान के पूर्व छात्र देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

संभावित प्रभाव

राज्यपाल के संबोधन से यह स्पष्ट संदेश मिला कि आने वाले समय में तकनीकी शिक्षा का फोकस केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहेगा। अनुसंधान, स्टार्टअप, नवाचार और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर जोर बढ़ने से छात्रों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। साथ ही झारखंड में उद्योग-अकादमिक सहयोग और तकनीकी विकास को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

आधिकारिक बयान

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ अनुशासन, नैतिकता, नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि एक श्रेष्ठ अभियंता वही है जो अपनी तकनीकी क्षमता का उपयोग मानवता के कल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए करे।


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जनता के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

राज्यपाल ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं से ज्ञान, विज्ञान, नवाचार और उत्कृष्टता के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बीआईटी मेसरा आने वाले वर्षों में शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी उत्कृष्टता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

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